Kaimur News : विद्यालयी शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पटना में 16 और 17 सितंबर को आयोजित दो दिवसीय आवासीय कार्यशाला में कैमूर के शिक्षकों ने भाग लिया. राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), बिहार की ओर से मौर्या होटल में आयोजित कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा-स्कूली शिक्षा (NCF-SE) 2023 के अनुरूप कौशल आधारित शिक्षा को मजबूत करने पर मंथन किया गया.
कैमूर से तीन शिक्षकों ने की सहभागिता
कार्यशाला में कैमूर से व्यावसायिक शिक्षा के जिला स्तरीय नोडल पदाधिकारी सह व्याख्याता, डायट मोहनियां ओम प्रकाश सिंह, राजकीयकृत मध्य विद्यालय डहरक, रामगढ़ के शिक्षक हरिदास शर्मा तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय गौरा, मोहनियां की शिक्षिका काजल सिंह ने भाग लिया.
कक्षा छह से 12 तक व्यावसायिक शिक्षा पर चर्चा
कार्यशाला में कक्षा छह से 12 तक व्यावसायिक शिक्षा को मुख्य पाठ्यचर्या से जोड़ने, स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने और विद्यालय स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति तैयार करने पर चर्चा हुई. विद्यार्थियों को स्थानीय व्यवसाय, आजीविका और व्यावहारिक अधिगम से जोड़ने के साथ रोजगारपरक दक्षताओं एवं 21वीं सदी के कौशल विकसित करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया.
स्वावलंबन और उद्यमिता विकसित करने पर जोर
कार्यशाला में व्यावसायिक शिक्षा को केवल रोजगार तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों में स्वावलंबन, उद्यमिता और रचनात्मकता विकसित करने पर जोर दिया गया. साथ ही श्रम के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने को भी व्यावसायिक शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया.
विद्यालयों में कौशल आधारित शिक्षा को बनाया जायेगा प्रभावी
कार्यशाला से प्राप्त सुझावों के आधार पर विद्यालयों में कौशल आधारित शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में रणनीति तैयार की गयी. स्थानीय जरूरतों और विद्यार्थियों की व्यावहारिक सीख को ध्यान में रखते हुए व्यावसायिक शिक्षा के क्रियान्वयन को मजबूत करने पर जोर दिया गया.
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