प्रकट भये नंदलाला, झांकियों के बीच कृष्ण जन्माष्टमी की रही धूम

देर रात गीत-संगीत के धुन पर झुमते रहे श्रद्धालु

भभुआ सदर.

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी सोमवार आधी रात ढोल और मृदंग की धुन पर नृत्य शुरू हुआ. ऐसा प्रतीत हुआ मानो वेद स्वयं मंत्रोच्चारण कर रहे हों. शंखनाद के साथ कलियां, गोवंश, ब्रज की लताएं और लाखों होठों से एक ही स्वर गूंज उठा– जय कन्हैया लाल की, जय कन्हैया लाल की… आखिर जन-जन के आराध्य श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव जो था. शहर के प्रसिद्ध इस्कॉन राधा-कृष्ण मंदिर, बैजू बाबू मंदिर, हरे कृष्ण राम जानकी मंदिर और पूरब पोखरा में शनिवार रात 12 बजे शंख-घंटे की ध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कान्हा का अभिषेक हुआ. ऐसा लगा मानो पूरा बैकुंठ इस अद्भुत पल का साक्षी बनने को धरा पर उतर आया हो. इस्कॉन मंदिर के अलावा शहर के तमाम मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों और घरों में विशेष तैयारी की गयी थी. मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया और भजन-संगीत कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. यह सिलसिला रविवार सुबह तक जारी रहा. इस अवसर पर लोगों ने अपने बच्चों को बाल कान्हा और राधा के स्वरूप में सजाकर पूजा-अर्चना की. इस्कॉन मंदिर, बैजू बाबू मंदिर, आसकरण मंदिर और डाकेश्वर महादेव मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भक्त दर्शन के लिए लगातार पहुंचते रहे.

डाकेश्वर मंदिर के पुजारी उपेंद्र तिवारी व्यास ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की परंपरा है. इस मौके पर भजन कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय और बाहर से आये कलाकारों ने राधा-कृष्ण की स्तुति गायी. देर रात कलाकारों ने कृष्ण-राधा के मनमोहक नृत्य भी प्रस्तुत किये. मंगल आरती और भगवान कृष्ण के अभिषेक के बाद देर रात 56 भोग लगाकर जन्मोत्सव का समापन हुआ.

मंदिरों में देर रात तक उमड़ती रही श्रद्धालुओं की भीड़

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर शहर के मंदिरों में देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही. यह क्रम रविवार सुबह तक चलता रहा. आधी रात 12 बजते ही लोगों ने अपने घरों में भी विशेष पूजा-अर्चना कर जन्मोत्सव मनाया. शनिवार को डीएम सुनील कुमार कुदरा बाइपास रोड स्थित इस्कॉन नामहट्ट सेंटर पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की. इसके अलावा बैजू बाबू मंदिर, हरे कृष्ण धाम राम जानकी मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भी जन्मोत्सव उल्लास और धूमधाम से मनाया गया. इस मौके पर हरे गोविंद केसरी, दिव्य कृष्ण दास, श्याम गोपाल दास प्रभु, राधे श्याम गुप्ता, प्रदीप केसरी, प्रभात अग्रवाल, रवि शंकर अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल सहित सैकड़ों भक्त मौजूद रहे.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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