कैमूर के युवाओं के लिए ‘ज्ञान का तीर्थ’ बना SVP कॉलेज का पुस्तकालय, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मिल रहा नया आधार

एसबीपी कॉलेज भभुआ का पुस्तकालय आधुनिक सुविधाओं और शांत वातावरण के साथ छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद कर रहा है।

Kaimur News : भागदौड़ और डिजिटल व्यस्तताओं के दौर में सरदार वल्लभभाई पटेल महाविद्यालय, भभुआ का पुस्तकालय विद्यार्थियों के लिए शांति, एकाग्रता और ज्ञान का भरोसेमंद केंद्र बनकर उभरा है. महाविद्यालय के ‘युवा विहार’ अभियान के तहत संचालित समृद्ध स्टडी कक्ष (वाचनालय) अब केवल पाठ्यक्रम की पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी उपयोगी साबित हो रहा है. आधुनिक सुविधाओं, समृद्ध पुस्तक संग्रह और डिजिटल संसाधनों से सुसज्जित यह पुस्तकालय कैमूर के युवाओं को बेहतर अध्ययन का माहौल उपलब्ध करा रहा है.

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कॉलेजों में बनी अलग पहचान

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के अंगीभूत महाविद्यालयों में सरदार वल्लभभाई पटेल महाविद्यालय के पुस्तकालय की व्यवस्था अपनी अलग पहचान बना रही है. पुस्तकालयाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार के नेतृत्व में पुस्तकालय को विद्यार्थियों की आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित किया गया है. व्यवस्थित पुस्तक संग्रह, अध्ययन के अनुकूल वातावरण और सुविधाओं के विस्तार से यह विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र बन गया है. महाविद्यालय प्रशासन भी पुस्तकालय को लगातार और समृद्ध करने की दिशा में प्रयासरत है.

शांत वाचनालय में मिल रहा एकाग्र अध्ययन का माहौल

विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वाचनालय का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक निर्धारित किया गया है. इस दौरान छात्र बिना किसी व्यवधान के अध्ययन कर सकते हैं. विशाल और रोशनीदार अध्ययन कक्ष में लंबी टेबल, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था और ‘कीप साइलेंस’ नियम के पालन से पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण तैयार होता है. प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी विश्वविद्यालय परीक्षाओं के साथ बीपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं.

हजारों पुस्तकों के साथ डिजिटल संसाधनों की सुविधा

महाविद्यालय के पुस्तकालय में कला, विज्ञान, वाणिज्य, साहित्य, इतिहास, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र समेत विभिन्न विषयों की हजारों पुस्तकें उपलब्ध हैं. पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ संदर्भ ग्रंथ भी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाते हैं. इससे छात्रों को विषयों को गहराई से समझने में मदद मिलती है.

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पुस्तकालय में इनफ्लिबनेट (INFLIBNET) की सुविधा भी उपलब्ध है. इसके माध्यम से विद्यार्थी ई-पुस्तकों, शोध पत्रों और अकादमिक सामग्री तक ऑनलाइन पहुंच बना सकते हैं. ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्र से आने वाले छात्रों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी है.

कंप्यूटर स्टडी कक्ष से प्रतियोगी तैयारी को मिल रहा सहारा

महाविद्यालय का कंप्यूटर स्टडी कक्ष भी विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन बन चुका है. कंप्यूटर के माध्यम से छात्र ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, ई-लाइब्रेरी और विभिन्न शैक्षणिक पोर्टलों का उपयोग कर रहे हैं. इससे विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई करने और तकनीक आधारित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिल रही है.

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए पुस्तकालय में हिंदी और अंग्रेजी के दैनिक समाचार पत्रों के अलावा साप्ताहिक एवं मासिक प्रतियोगी पत्रिकाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं. इससे विद्यार्थियों को समसामयिक घटनाओं की जानकारी मिलती है और उनकी तैयारी को मजबूती मिलती है.

‘पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं’

महाविद्यालय के प्राचार्य एसपी शर्मा ने कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास बढ़ाने और उज्ज्वल भविष्य गढ़ने का सशक्त माध्यम है. विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक संसाधन और अध्ययन का शांत वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार जारी है. उन्होंने कहा कि एसवीपी कॉलेज का पुस्तकालय कैमूर के युवाओं के लिए ज्ञान का ऐसा केंद्र बन रहा है, जहां विद्यार्थी अपने सपनों को साकार करने के लिए नियमित रूप से अध्ययन कर रहे हैं.

लाइब्रेरी में बैठकर अध्ययन करते छात्र | Prabhat Khabar Network

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By Sunil kr pathak

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