Kaimur Hindi Diwas Event : भभुआ में हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को शिक्षा भवन में हिंदी भाषा के प्रति सम्मान, गौरव एवं जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें शिक्षा विभाग से जुड़े पदाधिकारियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम में हिंदी की समृद्ध साहित्यिक परंपरा, भारतीय संस्कृति और सामाजिक एकता में इसकी भूमिका पर चर्चा की गयी.
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कार्यक्रम में किसने क्या कहा
शिक्षकों ने भाषण और कविता के माध्यम से हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने तथा दैनिक जीवन एवं शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में इसके अधिकाधिक प्रयोग का संदेश दिया. इस दौरान प्रस्तुत कविता “हिंदी आज पराई क्यों है, न्यायालय से चिकित्सालय तक, सचिवालय से मंत्रालय तक, अंग्रेजी ही समाई क्यों है?” ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया.
वक्ताओं ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा, संवेदना और राष्ट्रीय एकता की महत्वपूर्ण कड़ी है. डिजिटल एवं तकनीकी युग में भी हिंदी की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है. इसे विज्ञान, तकनीक, शिक्षा और नवाचार से जोड़कर और समृद्ध बनाने की जरूरत है.
कार्यक्रम में शिक्षकों ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि विकसित करने के लिए कविता पाठ, भाषण, कहानी लेखन, निबंध, वाद-विवाद और सुलेख जैसी रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिये. हिंदी को केवल एक विषय न मानकर ज्ञान, अभिव्यक्ति और रचनात्मकता की भाषा के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया.
इस अवसर पर शिक्षकों ने हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प लिया. साथ ही देश की सभी भाषाओं का सम्मान करते हुए हिंदी के प्रति गौरव की भावना मजबूत करने का आह्वान किया गया.
Kaimur Hindi Diwas Event : ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में मोहन सिंह, शोभनाथ सिंह, दिलीप कुमार, राधेश्याम शर्मा, हरेंद्र कुमार, श्रीकृष्ण सिंह, नागमणि सिंह, सिकंदर कुमार सुमन, सुमित कुमार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे. संचालन प्रवीण कुमार ने किया. कार्यालय से हरिनारायण ओझा एवं मृत्युंजय कुमार शर्मा उपस्थित रहे.
