शिक्षकों की कमी से जूझ रहा रामगढ़ पीएम श्री प्लस टू विद्यालय

वर्ग छह से आठ तक 175 बच्चों के लिए एक भी शिक्षक नहीं, बच्चों की पढ़ाई चौपट

फोटो 2 पीएम श्री प्लस टू उच्च विद्यालय रामगढ़ वर्ग छह से आठ तक 175 बच्चों के लिए एक भी शिक्षक नहीं, बच्चों की पढ़ाई चौपट # तीन वर्षों से साइंस शिक्षक के बिना प्लस टू छात्रों की चल रही पढ़ाई # प्लस टू के शिक्षक वर्ग छह व आठ के बच्चों को दे रहे ज्ञान # एचएम के लिखित व मौखिक आवेदन के बाद भी शिक्षा विभाग नहीं ले रहा संज्ञान रामगढ़. एक तरफ जहां सरकार शिक्षा विभाग पर करोड़ों रुपये खर्च कर शिक्षा की ऊंची उड़ान भरने के लिए प्रखंड क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर विद्यालय के बड़े-बड़े भवन बना रहे है, वहीं भवन में प्रत्येक माह लाखों रुपये खर्च कर विद्यालय पहुंचने वाले बच्चों को ज्ञान अर्जित करने के लिए शिक्षक बहाल कर रही है. दूसरी तरफ शिक्षा विभाग के लचर सिस्टम के कारण इन सब संसाधनों के होने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह चौपट हो रही है. हास्यास्पद यह है कि सालों बीत जाने के बाद भी मुख्यालय के विद्यालय पर विभाग की नजर अब तक नहीं गयी है. कुछ ऐसा ही हाल प्रखंड मुख्यालय स्थित पीएम श्री प्लस टू उच्च विद्यालय रामगढ़ का है, जहां पिछले एक वर्ष से पीएम श्री का दर्जा मिलने के बाद वर्ग छह से आठ तक के नामांकित 175 बच्चों की पढ़ाई के लिए एक भी शिक्षक मौजूद नहीं है. इन बच्चों को प्लस टू के शिक्षक पढ़ाने को विवश हैं. वहीं, तीन वर्षों से विद्यालय के प्लस टू के साइंस के छात्र बिना शिक्षक के ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं. ऐसे में छात्र साइंस की पढ़ाई कैसे करें, यह उनके बीच यक्ष प्रश्न बना हुआ है. हास्यास्पद यह भी है कि प्रधानाध्यापक द्वारा कई बार शिक्षकों की कमी को लेकर आवेदन दिये जाने के बाद भी शिक्षा विभाग की नजर इस समस्या के समाधान पर नहीं गयी है. धरातल पर नजर डालें तो वर्ग 6 से प्लस टू 12 तक चलने वाले इस विद्यालय में लगभग एक हजार छात्रों की पढ़ाई साइंस शिक्षक के बगैर चल रही है. जानकारी के अनुसार, दो वर्षों पूर्व दसवीं कक्षा तक साइंस पढ़ाने वाले एक शिक्षक व कुछ माह पहले दूसरे शिक्षक का स्थानांतरण हो जाने के बाद विद्यालय साइंस शिक्षक विहीन हो गया है. विद्यालय में कुल 26 शिक्षक 17 सुसज्जित कमरों में पढ़ाई कराते हैं. प्लस टू के तीनों संकाय में आर्ट में कला, म्यूजिक, साइकोलॉजी व पॉलिटिकल साइंस के एक भी शिक्षक नहीं हैं. वहीं, कॉमर्स फैकल्टी में बिजनेस स्टडी व इपीएस के लिए भी शिक्षक नहीं हैं. ऐसे में प्रखंड व नगर पंचायत से विद्यालय पहुंचने वाले बच्चों की पढ़ाई कैसे पूरी हो, यह अभिभावकों के बीच यक्ष प्रश्न बना हुआ है. मुख्यालय में बने सुसज्जित भवन, अच्छे खेल मैदान, पढ़ाई व प्रैक्टिकल के लिए बेहतर उपकरण होने के बावजूद शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है. इस पर जिला शिक्षा विभाग द्वारा संज्ञान लेने की जरूरत है. क्या कहते हैं प्रधानाध्यापक इस संबंध में प्रधानाध्यापक पवन कुमार ने कहा कि जिला मुख्यालय को मौखिक व लिखित रूप से शिक्षकों की कमी की जानकारी दी गयी है. उन्होंने बताया कि शिक्षकों के तबादले के दौरान विद्यालय में शिक्षक भेजने की बात कही गयी थी. तीन दिनों पहले भी शिक्षकों की मांग को लेकर पत्र भेजा गया है.

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Author: VIKASH KUMAR

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