आवास योजना में 310 लाभुकों के खिलाफ निलामपत्र वाद दायर

पिछले नौ वर्षों में 546 लाभुकों ने किस्त लेने के बाद भी नहीं बनाये घर, अब तक 41 लाभुकों से वसूली जा चुकी है आवास योजना की राशि

भभुआ. प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में वित्तीय वर्ष 2016-17 से लेकर वित्तीय वर्ष 2021-22 तक किस्तों की राशि सरकार से लेकर सैकड़ों लाभुक अपना घर नहीं बनाये हैं. जिला प्रशासन ने ऐसे 310 लाभुकों से सरकारी राशि वसूलने को लेकर निलाम पत्र वाद दायर किया है. वहीं, पिछले नौ वर्षों से आवास योजना के किस्तों की राशि लेने के बाद भी कुल 546 लाभुक सरकारी आवास नहीं बनाये हैं. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में सरकार गरीब परिवारों को घर बनाने के लिए 1,45,000 रुपये तीन किस्तों में देती है. ताकि, आवासविहीन लाभुक अपना घर बना सकें. इस योजना का लाभ उन्हीं लाभुकों को दिया जाता है, जो पूर्व में इंदिरा आवास योजना का लाभ नहीं पाये हों. लेकिन, बहुत से लाभुक सरकारी राशि का पैसा घर बनाने के काम में नहीं लगा कर अन्य जगह पर खर्च कर देते हैं. बहुत से लाभुक ऐसे भी हैं जो आवास योजना का किस्त प्राप्त करने के बाद अपना पैतृक गांव छोडकर काम करने के लिए अन्यत्र पलायन कर गये हैं. कुछ लाभुक किस्त की राशि प्राप्त करने के बाद या तो मर गये या फिर भू विवाद बताकर आवास योजना का काम लटका कर रखे हुए हैं. जबकि, आवासों को पूर्ण कराने के लिये सरकार की ओर से कई बार विशेष अभियान भी चलाया जाता है. इस संबंध में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के एमआइएस पदाधिकारी सुधीर पांडेय ने बताया कि जिले में आवास योजना का किस्त लेकर अब तक आवास को पूर्ण नहीं किये जाने वाले 310 लाभुकों के खिलाफ निलाम पत्र वाद दायर किया गया है. जबकि शेष लाभुकों का लाल नोटिस जारी किया जा रहा है. लाल नोटिस जारी करने के बाद भी अगर शेष लाभुकों द्वारा अपने आवास का निर्माण लगातार तीन सप्ताह के अंदर नहीं शुरू कराया जाता है, तो इनके खिलाफ भी निलाम पत्र वाद दायर कराया जायेगा और सरकारी राशि की वसूली की जायेगी. = अब तक 41 लाभुकों से वसूली जा चुकी है आवास योजना के किस्तों की राशि पिछले नौ वर्षो के दौरान आवास योजना में घर बनाने के लिए किस्त की राशि लेकर घर नहीं बनाने के कारण जिले के विभिन्न प्रखंडों में 41 योग्य लाभुकों से सरकार द्वारा दिये गये किस्तों की राशि की वसूली जिला प्रशासन ने किया है. जिला ग्रामीण विकास विभाग के एमआइएस पदाधिकारी ने बताया कि इन सभी लाभुकों को घर बनाने के लिए पहले उजला नोटिस जारी किया गया था. इसकी समय सीमा समाप्त होने के बाद लाल नोटिस यानि चेतावनी नोटिस भी जारी किया गया. लेकिन, इस चेतावनी नोटिस को भी अनदेखा कर लाभुकों ने अपने आवास का निर्माण नहीं शुरू किया. इसके बाद निलाम पत्र वाद दायर कर ऐसे 42 लाभुकों से देय किस्त की राशि की वसूली की जा चुकी है. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण वित्तीय वर्ष 2016-17 में शुरू किया गया था. इसके तहत ऐसे गरीब परिवार जिनके पास अपने आवास को बनाने की पूंजी नहीं थी. उन्हें सरकार आवास का निर्माण कराने के लिए तीन किस्तों में राशि देती है. नीलाम पत्र वाद दायर किये गये लाभुकों की प्रखंडवार संख्या प्रखंड अपूर्ण आवास अधौरा 142 भभुआ 43 भगवानपुर 27 चैनपुर 0 चांद 0 दुर्गावती 4 कुदरा 29 मोहनियां 10 नुआंव 14 रामगढ 15 रामपुर 26 इन्सेट पिछले नौ वर्षो में 47 हजार 466 लाभुकों को मिले सरकारी घर भभुआ. वित्तीय वर्ष 2016-17 से लेकर वित्तीय वर्ष 2021-22 तक जिले में ऐसे गरीब परिवार जिनके पास रहने का या तो घर नहीं था या कच्चा मकान या झोपड़ी-झुग्गी में किसी तरह शरण ले रखे थे. उन्हें सरकार की ओर से किस्त में घर बनाने के लिये राशि उपलब्ध करायी गयी. इस तरह पिछले नौ वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों के 47 हजार 466 लाभुकों का सरकार ने घर बनवाया. इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग के एमआइएस पदाधिकारी सुधीर पांडेय ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में पीएम आवास योजना ग्रामीण में 48 हजार 12 योग्य लाभुकों का आवास स्वीकृत किया गया था. इसमें से 47 हजार 466 लाभुकों ने अपना घर बना लिया है. शेष 546 लाभुक सरकारी राशि का दुरुपयोग कर अपना आवास नहीं बनाएं.

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Published by: Panchdev kumar

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