Kaimur News : कैमूर जिला के रामपुर प्रखंड क्षेत्र के सभी प्राथमिक विद्यालयों में शनिवार को "समावेशी शिक्षा: हमारा हर बच्चा महत्वपूर्ण" थीम पर अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. प्राथमिक शिक्षा निदेशक कुमार निशांत विवेक के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों और समुदाय को समावेशी शिक्षा के प्रति जागरूक करना था.
हर बच्चे को समान अवसर देने पर दिया गया जोर. छह निर्देशों के तहत हुई संगोष्ठी
राज्य स्तर से जारी निर्देशों के अनुसार प्रखंड के सभी प्राथमिक विद्यालयों में वर्गवार अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी आयोजित की गयी. संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना था कि प्रत्येक बच्चा अपनी क्षमता, रुचि और सीखने की गति के अनुसार विशिष्ट है. विशेष आवश्यकता वाले बच्चों सहित सभी विद्यार्थियों को समान अवसर, सम्मान, सहयोग और सीखने का अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है.
समावेशी शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य-पोषण तक हुई चर्चा. अभिभावकों ने भी दिए सुझाव
संगोष्ठी में समावेशी शिक्षा की अवधारणा, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पढ़ाई, नियमित उपस्थिति, सीखने में सहयोग और घर पर सकारात्मक शैक्षणिक माहौल जैसे विषयों पर प्रधानाध्यापकों और अभिभावकों के बीच विस्तार से चर्चा हुई. विद्यालयों ने बच्चों की उपलब्धियों, प्रतिभाओं और प्रेरक उदाहरणों को साझा करते हुए समावेशी वातावरण को बढ़ावा देने पर जोर दिया. इसके साथ ही बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, स्वास्थ्य और पोषण पर भी चर्चा की गयी.
बच्चों को भोजन कराकर और साफ ड्रेस में भेजने की अपील. गूगल फॉर्म पर अपलोड हुई रिपोर्ट
प्रधानाध्यापकों ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से भोजन कराकर विद्यालय भेजने और साफ-सुथरी ड्रेस पहनाने की अपील की. संगोष्ठी में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लेकर बच्चों के सर्वांगीण विकास को लेकर अपने सुझाव भी दिए. कार्यक्रम की पूरी जानकारी सभी विद्यालयों द्वारा राज्य स्तर से उपलब्ध कराए गए गूगल फॉर्म पर अनिवार्य रूप से अपलोड की गयी.
