सदर अस्पताल में नाक,कान,गला व हड्डी तक के सर्जन, पर नहीं होती एक भी सर्जरी

भभुआ के सदर अस्पताल में नाक, कान, गला से लेकर हड्डी तक के सर्जन मौजूद हैं. लेकिन इन विभागों में एक भी सर्जरी नहीं होती है

By VIKASH KUMAR | January 8, 2026 3:54 PM

=मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में छह माह में नहीं हुई एक भी जनरल सर्जरी = डीएम ने छह महीने की मांगी रिपोर्ट, तो सदर व अनुमंडलीय अस्पतालों की पोल खुली गरीब मरीज झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाने को मजबूर भभुआ कार्यालय. भभुआ के सदर अस्पताल में नाक, कान, गला से लेकर हड्डी तक के सर्जन मौजूद हैं. लेकिन इन विभागों में एक भी सर्जरी नहीं होती है. सर्जरी के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की बहाली इन अस्पतालों में की गयी है, लेकिन उक्त विभाग के सर्जन चिकित्सकों द्वारा आज तक सदर अस्पताल में सर्जरी शुरू ही नहीं की गयी है. वहीं, अस्पताल पर प्रबंधन की लापरवाही ऐसी है कि विशेषज्ञ सर्जन चिकित्सक के होने के बावजूद उनसे सर्जरी करने के बजाय उनसे जनरल ड्यूटी करायी जा रही है. वहीं, अगर जनरल सर्जरी की बात करें तो पिछले छह महीने में जनरल सर्जन द्वारा 52 सर्जरी की गयी है, यानी महीने में मात्र 8 से 9 सर्जरी ही की जा रही है. यह स्थिति सिर्फ सदर अस्पताल की नहीं है. इसका खुलासा नये डीएम नितिन कुमार सिंह द्वारा स्वास्थ्य विभाग से सर्जरी सहित अन्य विभागों से मांगी गयी रिपोर्ट में हुआ है, जिसके बाद उनके द्वारा इसे लेकर सिविल सर्जन को पत्र लिख सर्जरी नहीं करने वाले चिकित्सकों से स्पष्टीकरण करते हुए मंतव्य के साथ रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया गया है. = विशेषज्ञ चिकित्सक होने के बावजूद ऑपरेशन शून्य सर्जरी के मामले में सिर्फ सदर अस्पताल की ही स्थिति यह नहीं है, बल्कि मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में भी यही हाल है. वहां पर जनरल सर्जन जो की अपेंडिक्स, हर्निया, हाइड्रोसील जैसी सर्जरी करते हैं, लेकिन यहां तैनात जनरल सर्जन द्वारा पिछले छह महीने में एक भी सर्जरी नहीं की गयी है. बड़ी बात यह है कि जिले में सदर अस्पताल व अनुमंडलीय अस्पताल को छोड़कर किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सर्जरी नहीं होती है, जिले में जिन्हें भी सर्जरी करनी है उन्हें सदर अस्पताल या अनुमंडलीय अस्पताल में आना होगा. क्योंकि यहीं पर सर्जन का प्रतिस्थापन किया गया, लेकिन उक्त दोनों अस्पताल की स्थिति यह है कि यहां पर सरकार द्वारा सर्जरी के लिए स्पेशलिस्ट चिकित्सक की तैनाती तो की गयी है, लेकिन हड्डी, नाक, कान, गला के विभागों में सर्जरी की संख्या शून्य है = मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में सर्जरी से प्रसव की स्थिति भी काफी खराब मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में सर्जरी कर प्रसव कराने की संख्या भी काफी खराब है. आंकड़ों पर नजर डालें तो यहां पर स्त्री रोग व प्रसूति विभाग में तीन सर्जन है और भभुआ सदर अस्पताल में भी तीन सर्जन है. मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में तीन सर्जन मिलकर पिछले छह महीने में मात्र 122 सर्जरी कर प्रसव कराया है. महीने में ऑस्टिन 20 सर्जरी कर प्रसव कराया गया है यानी तीन चिकित्सकों के रहने के बावजूद प्रतिदिन एक सर्जरी भी औसतन नहीं किया गया है. भभुआ सदर अस्पताल से जब मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल की हम सर्जरी कर प्रसव की तुलना करते हैं, तो पाते हैं कि भभुआ सदर अस्पताल में पिछले छह महीने में 959 सर्जरी की गयी है. औसतन हर महीने 160 सर्जरी कर प्रसव भभुआ सदर अस्पताल में कराया जा रहा है. आंकड़ों के मुताबिक प्रतिदिन औसतन कम से कम पांच सर्जरी भभुआ सदर अस्पताल में कराया जा रहा है, जब भभुआ सदर अस्पताल में तीन ही चिकित्सक हैं और यहां प्रतिदिन पांच सर्जरी कर प्रसव कराया जा रहा है, तो मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में तीन चिकित्सक के रहने के बावजूद प्रतिदिन एक सर्जरी भी प्रसव के लिए क्यों नहीं किया जा रहा है. यह स्पष्ट रूप मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में सर्जरी से प्रसव की हकीकत को बता रहा है. = सरकारी अस्पतालों में सर्जरी नहीं होने से झोलाछापों की बढ़ रही पहुंच सदर अस्पताल में विशेषज्ञ सर्जन के होने के बावजूद यहां पर सर्जरी नहीं किएये जाने का खामियाजा सीधे तौर पर गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है. जब सदर अस्पताल में सर्जरी नहीं हो रही है तो वह मजबूर होकर प्राइवेट अस्पताल में जा रहे हैं और जो लोग आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है, वह मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों के यहां जा रहे हैं. इसका नतीजा है कि अक्सर यह खबरें आती है कि झोलाछाप डॉक्टरों के यहां सर्जरी व इलाज के दौरान मरीजों की जान जा रही है. भभुआ सदर अस्पताल में मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में सर्जरी के आकड़े स्पष्ट रूप से वहां के हकीकत को बयां कर रहे हैं. अगर इस स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कुकुरमुत्ता की तरह भभुआ व मोहनिया में खुल रहा झोलाछाप व अवैध अस्पतालों को और बढ़ावा मिलेगा. = स्पष्टीकरण में मंतव्य के साथ रिपोर्ट भेजने का आदेश डीएम नितिन कुमार सिंह ने सदर अस्पताल व मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में सर्जरी की खराब स्थिति को गंभीरता से लिया है इसे लेकर उन्होंने सिविल सर्जन को पत्र जारी करें निर्देश दिया है कि वह सर्जरी नहीं करने वाले चिकित्सकों से स्पष्टीकरण पूछ मंतव्य के साथ रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें. = जुलाई से लेकर दिसंबर तक सर्जरी के आंकड़े भभुआ सदर अस्पताल — चिकित्सक का नाम= विभाग= संख्या डॉ श्याम कांत= नाक कान गला के सर्जन= 0 डॉ रंजन प्रकाश= हड्डी रोग विशेषज्ञ व सर्जन= 0 डॉ धनंजय कुमार= जनरल सर्जन= 52 डॉ रवि रंजन प्रकाश = नेत्र रोग विशेषज्ञ व सर्जन=78 डॉ किरण सिंह= स्त्री व प्रसूति रोग व सर्जन= 498 डॉ मधु= स्त्री, प्रसूति रोग व सर्जन= 254 डॉ मनीषा नारायण= स्त्री, प्रसूति रोग व सर्जन= 207 मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल– डॉ दिनेश चौहान = जनरल सर्जन= 0 डॉ शिवांगी= स्त्री, प्रसूति रोग व सर्जन= 50 डॉ कनकलाता= स्त्री, प्रसूति रोग व सर्जन= 38 डॉ अनु कुमारी= स्त्री व प्रसूति रोग व सर्जन= 34

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