Kaimur News : अमृत सरोवरों की खुदाई से निकली मिट्टी का अब प्रयोग करेगा एनएचएआइ

आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में सरकार द्वारा मनरेगा योजना के तहत शुरू कराया गया अमृत सरोवरों के निर्माण के दूसरे चरण में सरोवरों की खुदाई से निकली मिट्टी और गाद का प्रयोग राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बनवाये जाने वाले पथों के निर्माण में किया जायेगा

भभुआ. आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में सरकार द्वारा मनरेगा योजना के तहत शुरू कराया गया अमृत सरोवरों के निर्माण के दूसरे चरण में सरोवरों की खुदाई से निकली मिट्टी और गाद का प्रयोग राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बनवाये जाने वाले पथों के निर्माण में किया जायेगा. इसे लेकर ग्रामीण विकास विभाग बिहार सरकार के आयुक्त मनरेगा सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा द्वारा सभी जिलों को निर्देश जारी किया गया है. गौरतलब है कि आजादी के अमृत महोत्सव के दौर में जल शक्ति अभियान के तहत जिले में अमृत सरोवरों का निर्माण कराया गया है. लेकिन, पूर्व में निर्मित या जीर्णोद्धार किये गये अमृत सरोवरों की मिट्टी और गाद का प्रयोग अन्य विकास योजनाओं में किये जाने का कोई निर्देश प्राप्त नहीं था. लेकिन, अब अमृत सरोवरों के निर्माण के दूसरे चरण में सरकार स्तर से अमृत सरोवरों की खुदाई से निकले मिट्टी और गाद का प्रयोग एनएचएआइ के पथ निर्माण के लिए किये जाने निर्देश दिया गया. जारी निर्देश में कहा गया है कि एनएचएआइ तथा सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा अमृत सरोवरों की खुदाई में निकली मिट्टी और गाद का प्रयोग उनकी परियोजनाओं के निर्माण या जीर्णोद्धार में करने का अनुरोध किया गया है. अत: उक्त कार्य हेतु जिलों में इसका अनुपालन सुनिश्चित कराया जाये. क्योंकि, अमृत सरोवरों के निर्माण कार्य में भारी मात्रा में गाद और मिट्टी निकलती है, जिसका प्रयोग बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों विशेष कर सड़क परियोजनाओं के लिए किया जाये. इन्सेट एनएचएआई की एजेंसियों के पांच किमी के दायरे में जल निकाय किये जायेंगे चिह्नित भभुआ. सड़क निर्माण में अमृत सरोवरों की मिट्टी और गाद का प्रयोग करने के लिए अमृत सरोवरों के निर्माण या जीर्णोद्धार के लिए एनएचएआइ की एजेंसियों के कार्य स्थल से पांच किलोमीटर के दायरे में जल निकायों को चिह्नित किया जायेगा. जिन सरोवरों की मिट्टी की गुणवत्ता उपयुक्त पायी जाती है उन सरोवरों की मिट्टी और गाद के प्रयोग के लिए एनएचएआई के क्षेत्रीय पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर निकली मिट्टी का प्रयोग सड़क निर्माण या जीर्णोद्धार में किया जायेगा. साथ ही राजमार्ग परियोजनाओं के लिए घोषित क्षेत्रों को भी दिशा निर्देशों के अनुसार अमृत सरोवरों में परिवर्तित करने के लिए जल निकायों को चिह्नित किया जाये. साथ ही अमृत सरोवरों की खुदाई को लेकर पंचायतों से तथा खनन विभाग से परमिट प्राप्त कर लिया जाये. अमृत सरोवरों का निर्माण सड़क परिवहन व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साझा प्रयास से किया जायेगा. अमृत सरोवरों से मिट्टी ढुलाई हेतु जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर अमृत सरोवरों से तटबंध तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाये.

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Published by: Prabhanjay kumar

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