यूनेस्को की राष्ट्रीय धरोहर सूची में शामिल होगा कैमूर का मां मुंडेश्वरी मंदिर,ASI की सर्वे टीम ने शुरू की पहल

बिहार के प्राचीन मुंडेश्वरी मंदिर को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम ने निरीक्षण कर कार्य योजना बनाई है।

Kaimur News : विश्व के प्राचीनतम मंदिरों में शामिल कैमूर जिले का प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां मुंडेश्वरी भवानी मंदिर अब राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान की ओर बढ़ रहा है. मंगलवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) एवं बिहार विरासत संरक्षण समिति की उच्चस्तरीय टीम ने हेलीकॉप्टर से मंदिर पहुंचकर निरीक्षण किया. इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि मां मुंडेश्वरी मंदिर को यूनेस्को की राष्ट्रीय धरोहरों की सूची में शामिल कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं.

वैज्ञानिक संरक्षण और पर्यटन विकास पर रहेगा जोर

निरीक्षण के दौरान टीम ने मंदिर की वर्तमान संरचनात्मक स्थिति, संरक्षण की जरूरतों और वैज्ञानिक जीर्णोद्धार की संभावनाओं का आकलन किया. साथ ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों को इको टूरिज्म, धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन के समन्वित केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर चर्चा की गई. अधिकारियों ने कहा कि विकास कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के मानकों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में किए जाएंगे.

देश-दुनिया के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र

छठी शताब्दी का अष्टकोणीय मां मुंडेश्वरी मंदिर अपनी अद्वितीय स्थापत्य कला, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के कारण देश-विदेश में प्रसिद्ध है. यहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत, पर्यटक और विदेशी नागरिक दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर परिसर में मां मुंडेश्वरी और भगवान शिव का प्राचीन स्वरूप एक ही परिसर में स्थापित है, जो इसकी विशेष पहचान है.

इको टूरिज्म से स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार

अधिकारियों ने बताया कि मंदिर और आसपास के प्राकृतिक क्षेत्र के संरक्षण के साथ आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा. इको टूरिज्म को बढ़ावा देने, पर्यटकों की सुरक्षा मजबूत करने और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने की व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी. इससे स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.

उच्चस्तरीय टीम ने किया स्थल निरीक्षण

निरीक्षण दल में बिहार के विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रवण कुमार, पुरातत्व विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद के.के., कोलकाता पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रजत सान्याल तथा बिहार विरासत संरक्षण समिति के डॉ. अनिल कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल थे. टीम ने मंदिर की ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विस्तार से मंथन किया.


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By Vikash kumar

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