Kaimur News : कैमूर जिले में लगातार हो रही बारिश ने नुआंव प्रखंड के मुखराव गांव की बदहाल जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है. गांव की मुख्य सड़क इन दिनों घुटने भर पानी में डूबी हुई है. हालात ऐसे हैं कि पैदल चलना मुश्किल हो गया है, जबकि बाइक और अन्य वाहन चालक हर दिन जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं. कैमूर और बक्सर जिले को जोड़ने वाला यह प्रमुख संपर्क मार्ग अब हादसों का केंद्र बनता जा रहा है.
हर पल दुर्घटना का बना रहता है खतरा
ग्रामीणों के अनुसार सड़क के दोनों ओर पानी लबालब भरा हुआ है. ऐसे में थोड़ी-सी चूक होने पर वाहन सड़क किनारे स्थित सरोवर में गिर सकते हैं. शाम ढलने के बाद अंधेरे में सड़क और पानी का अंतर समझ पाना मुश्किल हो जाता है, जिससे बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी रहती है.
अतिक्रमण से बंद हुआ जल निकासी का रास्ता
पूर्व प्रखंड प्रमुख धनंजय राय उर्फ सोनू राय ने बताया कि करीब आठ हजार की आबादी वाले मुखराव गांव का बरसाती पानी गांव के पास स्थित सरोवर में जमा होता है. वहां से चाट के रास्ते धर्मवती नदी तक पानी की निकासी होती थी, लेकिन वर्षों से हुए अतिक्रमण के कारण यह मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने के लिए पंचायत और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई प्रभावी पहल नहीं की गई.
दस वर्षों से नहीं हुई नाले की सफाई
ग्रामीण रिंकू लाल पगला ने बताया कि पिछले करीब दस वर्षों से नाले और जल निकासी मार्ग की सफाई नहीं कराई गई है. कई बार मुखिया से शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ. अब बरसाती पानी सड़क पर जमा होने से लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है.
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे जिला पदाधिकारी से मिलकर आंदोलन करेंगे. ग्रामीणों के अनुसार यह केवल जलजमाव की समस्या नहीं, बल्कि हजारों लोगों की सुरक्षा और आवागमन से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है.
