Kaimur News : कैमूर जिला के चांद प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. शाम होते ही मच्छरों की संख्या इतनी बढ़ जाती है कि लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराया जाता था, जिससे काफी राहत मिलती थी. लेकिन लंबे समय से छिड़काव नहीं होने के कारण मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है.
जलजमाव और गंदगी से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार प्रखंड के कई गांवों में नालियों, जलजमाव वाले स्थानों और आसपास जमा गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रजनन तेजी से हो रहा है. बरसात के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने से स्थिति और गंभीर हो गयी है. रात में मच्छरों के कारण बच्चों, बुजुर्गों समेत अन्य लोगों की नींद प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों में मच्छरजनित बीमारियों को लेकर भी चिंता बनी हुई है.
पशुओं को भी मच्छरों से नहीं मिल रही राहत
मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से इंसानों के साथ पशु भी परेशान हैं. पशुपालकों का कहना है कि शाम होते ही मच्छरों के झुंड पशुओं को परेशान करने लगते हैं. पशुओं को मच्छरों से बचाने के लिए ग्रामीणों को धुआं करने समेत अन्य उपाय करने पड़ रहे हैं. इससे पशुपालकों की परेशानी और बढ़ गयी है.
नियमित छिड़काव कराने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि समय पर मच्छररोधी दवा का छिड़काव होने से मच्छरों की संख्या को नियंत्रित किया जा सकता है. लेकिन लंबे समय से छिड़काव नहीं होने के कारण समस्या बढ़ती जा रही है. ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन से विभिन्न गांवों में नियमित रूप से मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराने, जलजमाव वाले स्थानों की सफाई कराने और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से राहत दिलाने की मांग की है. लोगों ने कहा कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाये गये तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है.
