Kaimur News : कैमूर के मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती करायी गयी एक महिला के नवजात की मौत और प्रसूता की बच्चेदानी फटने का मामला सामने आया है. परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मंगलवार को अस्पताल के उपाधीक्षक को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
9 अगस्त की रात प्रसव के लिए अस्पताल में कराया था भर्ती
समहुता गांव निवासी नसीम इद्रीसी ने उपाधीक्षक को दिये आवेदन में बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी सहाना को 9 अगस्त की रात प्रसव के लिए अनुमंडलीय अस्पताल, मोहनिया में भर्ती कराया था. परिजन के अनुसार, आशा कार्यकर्ता की सलाह पर सरकारी एंबुलेंस से महिला को अस्पताल लाया गया था. आरोप है कि एंबुलेंस कर्मी ने उनसे 100 रुपये लिये.
परिजन के मुताबिक, रात करीब 9:30 बजे आशा कार्यकर्ता के कहने पर 600 रुपये की दवा भी मंगायी गयी. इसके बाद करीब 10:30 बजे ड्यूटी पर तैनात जीएनएम ने महिला को दवा दी.
दवा देने के बाद शुरू हुआ रक्तस्राव, बिगड़ती गयी हालत
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि दवा देने के बाद महिला को रक्तस्राव शुरू हो गया. स्थिति गंभीर होने पर उसे अस्पताल से रेफर कर दिया गया. इसके बाद आशा कार्यकर्ता के कहने पर परिजन महिला को थाना के समीप स्थित एक निजी अस्पताल ले गये.
परिजन के अनुसार, निजी अस्पताल में चिकित्सक ने जच्चा और बच्चा दोनों की स्थिति गंभीर बतायी. हालत में सुधार नहीं होने पर महिला को मुगलसराय के एक निजी अस्पताल ले जाया गया.
'अत्यधिक रक्तस्राव से फट गयी बच्चेदानी'
नसीम इद्रीसी का आरोप है कि मुगलसराय के निजी अस्पताल में चिकित्सकों ने बताया कि अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला की बच्चेदानी फट गयी थी और गर्भ में ही बच्चे की मौत हो चुकी थी. इलाज के दौरान महिला की जान बचाने के लिए बच्चेदानी निकालनी पड़ी.
परिजन के मुताबिक, पूरे इलाज में करीब दो लाख रुपये खर्च हुए. उनका कहना है कि इलाज का खर्च जुटाने के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ा है.
अस्पताल प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिजन ने अस्पताल के उपाधीक्षक को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने और यदि किसी कर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है. परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की भी मांग की है.
अस्पताल उपाधीक्षक ने टिप्पणी से किया परहेज
मामले को लेकर अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अभिनाश कुमार सिंह से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने इस संबंध में कुछ भी बताने से परहेज किया.
