मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में एनसीडी और जननी पोर्टल पर मरीजों और प्रसूताओं का विवरण समय पर दर्ज नहीं किए जाने के मामले को अस्पताल प्रशासन ने गंभीरता से लिया है. डाटा इंट्री में लापरवाही के कारण अस्पताल का इंडिकेटर दोनों मामलों में सबसे नीचे पहुंच गया है. इसे लेकर संबंधित जीएनएम कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है.
24 घंटे में मांगा गया स्पष्टीकरण
अस्पताल उपाधीक्षक ने 29 अगस्त को पत्र जारी कर संबंधित जीएनएम कर्मियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है. अस्पताल प्रशासन ने डाटा इंट्री में लापरवाही को कर्मचारियों की कार्य के प्रति गंभीर उदासीनता बताया है.
एनसीडी पोर्टल पर सिर्फ 33 मरीजों की एंट्री
अस्पताल प्रशासन के अनुसार बीपी और शुगर के मरीजों का विवरण एनसीडी पोर्टल पर दर्ज करने की जिम्मेदारी संबंधित जीएनएम की है. अगस्त माह में अब तक अस्पताल में केवल 33 मरीजों का ही डाटा दर्ज किया गया है. कम डाटा इंट्री के कारण अनुमंडलीय अस्पताल मोहनिया एनसीडी इंडिकेटर में सबसे नीचे पहुंच गया है.
पांच जीएनएम से मांगा गया जवाब
एनसीडी पोर्टल पर कम डाटा इंट्री के मामले में बिंदु कुमारी, अंकिता कुमारी, बबीता कुमारी, कांति जायसवाल और अनिता कुमारी-1 समेत संबंधित जीएनएम से स्पष्टीकरण मांगा गया है. सभी कर्मियों को निर्धारित समय के भीतर अपना जवाब अस्पताल प्रशासन को देना होगा.
280 प्रसव के बावजूद सिर्फ 19 की एंट्री
जननी पोर्टल पर प्रसव से संबंधित विवरण दर्ज करने में भी बड़ी लापरवाही सामने आई है. अगस्त माह में अनुमंडलीय अस्पताल मोहनिया में कुल 280 प्रसव हुए. इसके बावजूद जननी पोर्टल पर केवल 19 प्रसूताओं का विवरण दर्ज किया गया. इस कम डाटा इंट्री के कारण अस्पताल का जननी पोर्टल इंडिकेटर भी सबसे नीचे पहुंच गया है.
दस जीएनएम से मांगा गया स्पष्टीकरण
जननी पोर्टल पर डाटा इंट्री में लापरवाही के मामले में रिंकु कुमारी, अंकिता कुमारी, बबीता कुमारी, कांति जायसवाल, अनिता कुमारी-2, रितु कुमारी, निभा कुमारी, सारिका सुमन, सोनी कुमारी और स्वीटी कुमारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है. सभी को 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है.
शत-प्रतिशत डाटा इंट्री तक रुकेगा वेतन
अस्पताल प्रशासन ने संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है. एनसीडी और जननी पोर्टल पर शत-प्रतिशत डाटा इंट्री सुनिश्चित होने तक संबंधित जीएनएम कर्मियों के अगस्त माह के वेतन को अवरुद्ध रखने का आदेश दिया गया है.
अस्पताल प्रशासन ने दिखाई सख्ती
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों और प्रसूताओं से संबंधित डाटा समय पर पोर्टल पर दर्ज करना स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए जरूरी है. डाटा इंट्री में लापरवाही से अस्पताल के प्रदर्शन और इंडिकेटर पर सीधा असर पड़ता है. इसी वजह से प्रशासन ने समय पर काम पूरा कराने के लिए सख्त कदम उठाया है.
