कैमूर में पहली ही बारिश में फेल हुई लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान की योजना, स्कूल परिसर में जलजमाव से खुली निर्माण की पोल

रामगढ़ के डहरक सरकारी विद्यालय में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत बने सामुदायिक सोख्ता पहली ही बारिश में बेकार साबित हुए। घटिया निर्माण के कारण स्कूल परिसर में जलजमाव की स्थिति बन गई, जिससे सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

Kaimur News : सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही का एक और मामला सामने आया है. रामगढ़ प्रखंड के सहूका पंचायत स्थित डहरक सरकारी विद्यालय में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत दो माह पहले बनाए गए सामुदायिक सोख्ता पहली ही तेज बारिश में बेकार साबित हो गए. शुक्रवार रात हुई बारिश के बाद पूरे विद्यालय परिसर में जलजमाव हो गया, जबकि पानी सोख्तों तक पहुंच ही नहीं सका.

प्रधानाध्यापक ने खुद बनाई नाली, तब निकला पानी

जलजमाव की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक हरिदास शर्मा को खुद काफी मशक्कत कर अस्थायी नाली बनानी पड़ी, जिसके बाद विद्यालय परिसर से पानी बाहर निकल सका. इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

दो महीने में टूट गए सोख्ते, घटिया निर्माण का आरोप

जानकारी के अनुसार मई माह में विद्यालय के खेल मैदान में दो अलग-अलग स्थानों पर सामुदायिक सोख्ता बनाए गए थे. लेकिन महज दो महीने के भीतर ही दोनों सोख्तों के स्लैब टूट गए और अंदर डाली गई गिट्टी व बालू बाहर दिखाई देने लगी. इतना ही नहीं, सोख्तों का निर्माण मैदान की सतह से ऊपर कर दिया गया, जिसके कारण बारिश का पानी उनमें पहुंच ही नहीं पाया.

पहले भी की गई थी शिकायत

प्रधानाध्यापक हरिदास शर्मा ने बताया कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है. सोख्तों की ऊंचाई अधिक होने के कारण उनका उद्देश्य ही पूरा नहीं हो रहा है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले ही प्रखंड विकास पदाधिकारी से शिकायत की गई थी. अधिकारियों ने मरम्मत का आश्वासन दिया था, लेकिन पहली ही बारिश में योजना पूरी तरह विफल साबित हो गई.

राष्ट्रीय स्तर पर पहचान वाले विद्यालय में उजागर हुई लापरवाही

डहरक सरकारी विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक 398 छात्र-छात्राएं और 13 शिक्षक हैं. उत्कृष्ट शैक्षणिक व्यवस्था और नवाचारों के कारण यह विद्यालय जिला ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुका है. विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक हरिदास शर्मा को राष्ट्रपति राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है. ऐसे प्रतिष्ठित विद्यालय में घटिया निर्माण का मामला सामने आने से सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं.


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Author: Sanjay jaiswal

Published by: Vivek Singh

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