मोहनिया शहर. यूपी विधानसभा अध्यक्ष का ओएसडी बताकर टोल प्लाजा पार करना चाह रहे तीन युवकों को काफी महंगा पड़ गया. यहां पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया, साथ ही कार के साथ चार मोबाइल को जब्त किया गया है. गिरफ्तार आरोपितों में यादवेंद्र कुमार पांडेय, पिता सत्येंद्र कुमार पांडेय, गांव कैथी शंकरपुर, थाना देवगांव, जिला आजमगढ़ यूपी, दीपक कुमार चौरसिया, पिता पप्पू चौरसिया व नंदन चौबे, पिता अमरनाथ चौबे, दोनों गांव सरेंजा थाना राजपुर, जिला बक्सर के निवासी बताये गये हैं. हालांकि, पुलिस ने तीनों को थाने से ही जमानत दे दी. जानकारी के अनुसार, मोहनिया थाना के सरकारी नंबर पर 9555414009 नंबर से रविवार की शाम फोन आया, जिसके ट्रूकॉलर पर माननीय अध्यक्ष विधानसभा उत्तर प्रदेश भारत दिखा रहा था. कॉल करके बताया गया कि मैं विधानसभा अध्यक्ष उत्तर प्रदेश का ओएसडी यादवेंद्र कुमार पांडेय बोल रहा हूं, मुझे लखनऊ जाना है और मैं अभी मोहनिया टोल प्लाजा पर हूं. मुझे टोल प्लाजा बिना किसी शुल्क दिये पार करा दिया जाये तथा बताया गया कि उनका वाहन ब्लैक कलर का एक्सयूभी कार डीएल8 सीबीसी2211 है. इसकी सूचना पर थानाध्यक्ष द्वारा स्वयं टोल प्लाजा पर पहुंचकर टोल पार कराने की बात कही गयी. वहां अपने आप को फंसते देख तीन युवक पैसा देकर टोल प्लाजा पार कर गया. जब थानाध्यक्ष टोल पार पहुंचे तो कार सवार तीनों युवक वहां से निकल गये थे, जिसे देख पुलिस पीछा करते दुर्गावती के पास पहुंची. वहां उक्त नंबर के कार को देख पुलिस द्वारा टार्च की रोशनी में रुकने का इशारा किया गया. कार रुकने के बाद पुलिस द्वारा विधानसभा अध्यक्ष का ओएसडी बताने वाले व्यक्ति यादवेंद्र कुमार पांडेय से पूछताछ की गयी, तो काफी टालमटोल के बाद उसके द्वारा बताया गया कि मैं ओएसडी नहीं हूं, मेरे द्वारा झूठ बोला गया था. इसे देख कार में सवार तीनों व्यक्ति को कार के साथ थाने लाया गया. इस मामले को लेकर मोहनिया थाने के एसआइ आनंद कुमार द्वारा थाना लाकर अपने आप को विधानसभा अध्यक्ष उप्र का ओएसडी बताकर प्रतिरूपण कर छल करने के मामले में तीनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. हालांकि बाद में पुलिस द्वारा तीनों को थाने से ही जमानत दे दी गयी.
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