दो विद्यालयों के छात्रों ने एक-दूसरे से शैक्षणिक गतिविधियों को किया साझा

'ट्विनिंग ऑफ स्कूल' से निखरेगी शिक्षा, छात्र सीख रहे नवाचार के नये गुर

”ट्विनिंग ऑफ स्कूल” से निखरेगी शिक्षा, छात्र सीख रहे नवाचार के नये गुर 10 किमी के दायरे में एक-दूसरे के विद्यालयों का भ्रमण कर रहे छात्र, शैक्षणिक पद्धतियों का हो रहा आदान-प्रदान. संसाधनों व सुविधाओं के अंतर को कम करने की दिशा में बड़ा कद भभुआ नगर. जिला अंतर्गत सभी माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों के बीच ”ट्विनिंग ऑफ स्कूल” कार्यक्रम के तहत आपसी भ्रमण का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक व छात्र एक-दूसरे के विद्यालयों का दौरा कर वहां की शैक्षणिक व्यवस्था, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, संसाधनों व नवाचारों का अवलोकन कर रहे हैं. इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है. इसी कड़ी के तहत रामायण राय प्लस टू उच्च विद्यालय, बन के बहुआरा के छात्रों ने उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, कोटा का सोमवार को भ्रमण किया, जहां छात्रों ने एक-दूसरे से शैक्षणिक गतिविधियों को साझा किया. गौरतलब है कि इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य सभी विद्यालयों को समान अवसर प्रदान करना भी है. संसाधनों व सुविधाओं में अंतर को कम करने के लिए विद्यालय एक-दूसरे से सीख रहे हैं. साथ ही, छात्रों को विभिन्न सामाजिक व सांस्कृतिक परिवेश से परिचित होने का अवसर मिल रहा है, जिससे उनमें आपसी सम्मान, सहयोग व सामाजिक समझ विकसित हो रही है. शैक्षणिक गतिविधियों से बढ़ रही सहभागिता जिले के विद्यालयों में इस कार्यक्रम के तहत संयुक्त कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है, जहां विभिन्न विद्यालयों के छात्र एक साथ पढ़ाई कर रहे हैं. गणित, विज्ञान व भाषा जैसे विषयों पर चर्चाएं आयोजित की जा रही हैं. इसके साथ ही प्रश्नोत्तरी व क्विज प्रतियोगिताएं भी करायी जा रही हैं, जिससे छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना के विकास के साथ-साथ उनका ज्ञानवर्धन भी हो रहा है. सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से निखर रहा व्यक्तित्व शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य-संगीत व कला प्रदर्शन के माध्यम से भी छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है. इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ रहा है व व्यक्तित्व का समग्र विकास हो रहा है. बिहार के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 से इसे अनिवार्य रूप से लागू किया गया है. इस पहल के तहत प्रत्येक विद्यालय से 50-50 छात्रों का समूह बनाकर उन्हें 10 किलोमीटर के दायरे में स्थित दूसरे विद्यालयों का भ्रमण कराया जा रहा है. इससे शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता आयेगी व सभी विद्यालयों को समान अवसर प्राप्त होगा. यह पहल आने वाले समय में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी.

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By VIKASH KUMAR

VIKASH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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