Kaimur News : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अनुराग के निर्देश पर रविवार को मंडल कारा भभुआ में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का उद्देश्य जेल में बंद बंदियों समेत समाज के वंचित और हाशिए पर मौजूद लोगों तक न्याय और कानूनी सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना था.
पैसे के अभाव में कोई बंदी कानूनी मदद से वंचित न रहे
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता गणेश दुबे ने मुख्य वक्ता के रूप में बंदियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की महत्वपूर्ण नीतियों और योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक संसाधनों के अभाव में कानूनी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए. जरूरतमंद बंदियों को नि:शुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है.
जेल में स्थापित विधिक क्लीनिक से मिलेगी मदद
पैनल अधिवक्ता ने बताया कि नालसा की 2022 की एसओपी के तहत मंडल कारा भभुआ में विधिक क्लीनिक स्थापित किया गया है. क्लीनिक में कंप्यूटर, इंटरनेट और आवश्यक कानून की पुस्तकों की व्यवस्था की गयी है. बंदी यहां पहुंचकर अपने कानूनी अधिकारों और मामलों से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
उन्होंने बताया कि बंदियों की समस्याएं सुनने के लिए विधिक क्लीनिक में वकीलों और पैरा-लीगल वालंटियर्स की ड्यूटी भी लगायी जा रही है. कई बार बंदियों को अपने मामले की स्थिति और अगली कार्रवाई की जानकारी नहीं होती. ऐसे में डालसा के प्रतिनिधि अदालत और बंदियों के बीच समन्वय स्थापित कर उन्हें उनके केस से जुड़े अपडेट उपलब्ध कराने में मदद करते हैं.
15100 हेल्पलाइन से भी मिलेगी कानूनी सहायता
शिविर में नालसा की टोल फ्री हेल्पलाइन 15100 के बारे में भी बंदियों को जानकारी दी गयी. बताया गया कि इस हेल्पलाइन पर जिले से प्राप्त शिकायत या कानूनी सहायता की मांग पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित कानूनी सहायता टीम को सक्रिय करता है.
जेल प्रशासन ने भी की पहल की सराहना
कार्यक्रम में मंडल कारा के कारा अधीक्षक, कारा उपाधीक्षक पुष्प राज, अन्य काराकर्मी और बड़ी संख्या में बंदी मौजूद रहे. कार्यक्रम के अंत में कारा उपाधीक्षक पुष्प राज ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार की इस पहल की सराहना की. उन्होंने बंदियों से अपील की कि वे उपलब्ध विधिक प्रावधानों और नि:शुल्क कानूनी सहायता का पूरा लाभ उठाएं.
