सावन के सभी सोमवार में चौथे सोमवार को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. सोमवार को सावन मास की चौथी सोमवारी पर श्रद्धालुओं ने मंदिरों, शिवालयों सहित अपने-अपने घरों में भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा-आराधना कर और उपवास रखकर सुखमय जीवन की कामना करते हुए बारिश होने की मंगलकामना की. सावन के आखिरी सोमवार को पूजन-अर्चन को लेकर युवतियों व महिलाओं में काफी उत्साह देखने को मिला.
मंदिरों, शिवालयों व घरों में हुई शिव-पार्वती की पूजा
इस दौरान भक्तों ने जल, बेलपत्र, चंदन, रोड़ी, दूबी, धतूरा, भांग, अकवन कनैल के फूल आदि के साथ बाबा भोलेनाथ को रक्षा सूत्र भी अर्पित किया. दरअसल, इस बार पूरे सावन महीने में सभी शिवालयों व मंदिरों में जलाभिषेक व पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की काफी संख्या में भीड़ उमड़ी रही. सावन के अंतिम सोमवारी पर सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में भीड़ उमड़ने लगी थी.
ऊमस भरी गर्मी से श्रद्धालुओं को हुई परेशानी
सावन के अंतिम सोमवार के दिन भी बारिश नही होने से भले ही उमस और गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा लेकिन, सावन के अंतिम सोमवारी ने माहौल को भक्तिमय बना दिया. सुबह से ही शिव के भक्तों ने घरों व मुहल्ले के मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना की. इस दौरान शिव भक्तों ने माथा टेक कर भगवान का आशीर्वाद लिया और बिल्वपत्र, दूध, शहद, गंगाजल पवित्र शिवलिंग पर चढ़ाए. पौराणिक बुढ़वा महादेव मंदिर, डाकेश्वर महादेव मंदिर, देवी जी मंदिर, संतोषी माता मंदिर, चमनलाल पोखर, सदर अस्पताल व सदर थाना स्थित शिव मंदिर आदि में सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखने को मिली.
