Kaimur Zila Parishad News : कैमूर के भभुआ में जिला परिषद की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. जिला परिषद अध्यक्ष के खिलाफ सात निर्वाचित सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की पहल करते हुए विशेष बैठक बुलाने की औपचारिक मांग की है. सदस्यों ने बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 की धारा 70(4)(1) के तहत आवेदन देकर अध्यक्ष से बैठक की तिथि, समय और स्थान तय करने का अनुरोध किया है.
अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू करने की मांग
जानकारी के अनुसार सात जिला परिषद सदस्यों ने सामूहिक रूप से अध्यक्ष को आवेदन सौंपा है. इस आवेदन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अध्यक्ष के कार्यकाल के दो वर्ष से अधिक समय पूरा होने के बाद भी जिला परिषद की कार्यप्रणाली अपेक्षित स्तर पर नहीं चल रही है. सदस्यों का कहना है कि अब इस मुद्दे पर चर्चा और मतविभाजन जरूरी हो गया है, जिसके लिए विशेष बैठक बुलाना अनिवार्य है.
सदस्यों ने यह भी मांग की है कि बैठक जल्द से जल्द आयोजित की जाए ताकि जिला परिषद के कामकाज की स्थिति पर खुलकर चर्चा हो सके और आगे की दिशा तय की जा सके.
Zila Parishad Adhyaksh : प्रबंधन और कार्यशैली पर गंभीर आरोप
अविश्वास प्रस्ताव में जिला परिषद अध्यक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. सदस्यों का कहना है कि नियमित रूप से जिला परिषद की बैठकें अधिनियम के अनुसार नहीं बुलाई जा रही हैं. इसके अलावा जिला योजना समिति के गठन में भी कोई ठोस पहल नहीं की गई है.
सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया है कि स्थायी समितियों का गठन तय प्रक्रिया के अनुसार नहीं किया गया है. साथ ही जिला परिषद कार्यालय में भ्रष्टाचार को संरक्षण मिलने और जिले के विकास कार्यों में प्रभावी प्रयास न किए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है. इन आरोपों के चलते जिला परिषद के भीतर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है और यही कारण है कि सात सदस्यों ने एकजुट होकर अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का फैसला लिया है.
Kaimur News : प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी गई प्रति
इस पूरे मामले को लेकर केवल अध्यक्ष को ही नहीं बल्कि जिला प्रशासन को भी सूचना दी गई है. आवेदन की प्रति जिला पदाधिकारी कैमूर और उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद को भी भेजी गई है. इससे यह साफ है कि मामला अब प्रशासनिक स्तर पर भी पहुंच चुका है.
सात सदस्यों के हस्ताक्षर से बढ़ा राजनीतिक दबाव
इस आवेदन पर विकास सिंह, संधमदेईया देवी, अखिलेश कुमार, बुल्लू राम, गीता देवी, राजकुमार सिंह और शत्रुंजय कुमार सिंह सहित कुल सात सदस्यों के हस्ताक्षर हैं. इन सभी के एक साथ आने से जिला परिषद की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
फिलहाल जिला परिषद अध्यक्ष की ओर से इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है. आने वाले दिनों में विशेष बैठक की तिथि तय होती है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही यह तय होगा कि अध्यक्ष अपने पद पर बने रहेंगे या उन्हें अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ेगा.
