कैमूर : सांप ने डसा तो वहीं कुंडली मारकर बैठा रहा, 9 साल की शिवांगी की मौत से गांव में मातम

रामगढ़ के सिसौडा गांव में 9 वर्षीय शिवांगी की सर्पदंश से मौत हो गई। बच्ची को डसने वाला विशालकाय सांप भी मौके पर ही मर गया। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

रामगढ़. थाना क्षेत्र के सिसौड़ा गांव के बधार में शनिवार शाम सर्पदंश से 9 वर्षीय बच्ची शिवांगी कुमारी की मौत हो गयी. मृतका की पहचान राजू बिंद की पुत्री शिवांगी कुमारी के रूप में हुई है. घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है और गांव में भी शोक का माहौल है.

पुल पर बैठी थी किशोरी, अचानक सांप ने डसा

जानकारी के अनुसार, शिवांगी शनिवार की शाम गांव से करीब 200 मीटर दूर खेत की ओर खेलने गयी थी. इसी दौरान वह पुल पर पैर नीचे लटकाकर बैठी थी. तभी एक विशालकाय सांप ने उसे डस लिया. सांप के डसते ही बच्ची ने शोर मचाया. पास में मौजूद वृद्ध महिला मुनरी देवी ने बच्ची को उठाया और ग्रामीणों की मदद से उसे गांव पहुंचाया.

डेढ़ घंटे तक बच्ची के पास कुंडली मारकर बैठा रहा सांप

ग्रामीणों के अनुसार, बच्ची को डसने के बाद विशालकाय सांप उसी जगह पर करीब एक से डेढ़ घंटे तक कुंडली मारकर बैठा रहा. बताया जा रहा है कि कुछ देर बाद सांप की भी वहीं मौत हो गयी. इस घटना को देखकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं. सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत सांप को जांच के लिए भभुआ ले गयी.

झाड़-फूंक के बाद अस्पताल ले गए परिजन

सर्पदंश के बाद ग्रामीण और परिजन पहले बच्ची को झाड़-फूंक के लिए गहमर स्थित बक्शाबाबा के यहां ले गये. वहां बच्ची को राहत नहीं मिली. इसके बाद परिजन उसे रेफरल अस्पताल रामगढ़ लेकर पहुंचे. चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को भभुआ सदर अस्पताल रेफर कर दिया. भभुआ सदर अस्पताल में इलाज के दौरान शिवांगी की मौत हो गयी.

मजदूर माता-पिता पर टूटा दुखों का पहाड़

शिवांगी की मौत के बाद उसके मजदूर माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. चार भाई-बहनों में शिवांगी दूसरे नंबर पर थी. मासूम की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं, गांव में भी घटना को लेकर शोक की लहर है.

विशालकाय सांप की मौत भी बनी चर्चा का विषय

सर्पदंश से बच्ची की मौत के साथ ही सांप की मौत भी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. वन विभाग की टीम मृत सांप को जांच के लिए भभुआ ले गयी है. ग्रामीण इस घटना को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं.

कैमूर: अंग्रेजों की यातनाएं झेलकर जेल में शहीद हुए दुर्गावती के 3 रणबांकुरे, आज भी शहीद स्मारक का इंतजार


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sanjay jaiswal

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >