कैमूर में दूसरे दिन भी लगा भीषण जाम, बालू लदे वाहनों से ट्रैफिक ठप; जीटी रोड बना पार्किंग स्थल

Kaimur News: कैमूर में यूपी बॉर्डर पर बालू लदे वाहनों की लंबी कतारों के कारण जीटी रोड पर लगातार दूसरे दिन भीषण जाम लग गया. तीन किलोमीटर तक फैले जाम में वाहन घंटों फंसे रहे, जिससे यात्रियों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

Kaimur News:(मैनुद्दीन शाह) कैमूर जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी जीटी रोड पर भीषण जाम की स्थिति बनी रही. बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले लेन में बालू लदे भारी वाहनों की लंबी कतार लग जाने के कारण पूरा मार्ग बाधित हो गया. बार्डर से लेकर चिपली तक करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई और यातायात व्यवस्था चरमरा गई.

बालू लदे वाहनों की कतार से ठप हुआ यातायात

जानकारी के अनुसार, यूपी की ओर जाने वाली लेन में बालू लदे ट्रक दो-दो कतारों में खड़े रहे. इस वजह से छोटे वाहन, बसें, कारें, एम्बुलेंस और अन्य ट्रक रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आए. सुबह से लेकर दोपहर तक स्थिति लगातार बिगड़ती रही और वाहन चालकों को तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में घंटों का समय लग गया. भीषण गर्मी के बीच यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

मरीजों और यात्रियों को हुई भारी परेशानी

स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार को भी बार्डर से धनेछा तक जाम की स्थिति बनी रही थी, जबकि मंगलवार को हालात और अधिक खराब हो गए. जाम के कारण कई एम्बुलेंस भी घंटों फंसी रहीं, जिससे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल सका. यात्रियों ने कहा कि लगातार लग रहे जाम से उनकी यात्रा प्रभावित हो रही है और रोजमर्रा के कार्यों में भी देरी हो रही है.

यूपी में कार्रवाई के बाद बिहार सीमा पर बढ़ी भीड़

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में बालू लदे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. इस कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में बालू ट्रक बिहार सीमा पर आकर खड़े हो जाते हैं. जैसे ही यूपी में अभियान चलता है, वाहनों की कतार बिहार सीमा पर लग जाती है और जीटी रोड पर भारी दबाव बन जाता है. कार्रवाई रुकने के बाद ये वाहन फिर से यूपी की ओर बढ़ने लगते हैं, जिससे यह समस्या लगातार बनी रहती है.

प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन जाम की समस्या को नियंत्रित करने में गंभीरता नहीं दिखा रहा है. सड़क पर लंबे समय तक खड़े भारी वाहनों के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है. लोगों ने मांग की है कि इस रूट पर नियमित निगरानी, ट्रैफिक नियंत्रण और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बार-बार लगने वाले जाम से राहत मिल सके और आम जनता को परेशानी न हो.

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Published by: Ragini Sharma

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