कैमूर में महिला शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर सभी स्कूलों में ICC गठन अनिवार्य, बीईओ ने दिए कड़े निर्देश

Kaimur News: कैमूर में महिला शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर विभाग ने सख्त निर्देश दिया है. इसके लिए आंतरिक शिकायत समिति’ का गठन अनिवार्य कर दिया गया है. पोश अधिनियम 2013 के तहत समिति गठन कारना अनिवार्य है. जिसके लिए समिति के विवरण नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना होगा. निर्देश का पालन नहीं करने पर होगी विभागीय कार्रवाई.

Kaimur News: (राजू कुमार) कैमूर के रामपुर प्रखंड के सभी प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘आंतरिक शिकायत समिति’ का गठन अनिवार्य कर दिया गया है. इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) तेजस्विनी आनन्द ने सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को स्पष्ट निर्देश जारी किया है.

पोश अधिनियम 2013 के तहत अनिवार्य व्यवस्था

लेखापाल हिमांशु शेखर पाण्डेय ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि निदेशक, प्राथमिक शिक्षा, पटना के पत्रांक-1067 (दिनांक 27 मई 2026) के आलोक में यह निर्देश जारी किया गया है. पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 (POSH Act) के तहत सभी विद्यालयों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है.

महिला शिक्षकों की सुरक्षा को प्राथमिकता

बीईओ तेजस्विनी आनन्द ने कहा कि विद्यालयों में महिला शिक्षकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में उनके लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि समिति के गठन से किसी भी प्रकार की शिकायत का त्वरित और निष्पक्ष निपटारा संभव हो सकेगा.

नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित होंगे विवरण

निर्देश के अनुसार, प्रत्येक विद्यालय को समिति के सदस्यों के नाम, उनके मोबाइल नंबर तथा हेल्पलाइन नंबर विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना होगा. साथ ही समिति गठन से संबंधित प्रतिवेदन तत्काल बीआरसी कार्यालय, रामपुर को उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है, ताकि इसकी जानकारी समय पर उच्च अधिकारियों को भेजी जा सके.

जागरूकता और प्रशिक्षण पर भी जोर

लेखापाल ने बताया कि सभी प्रधानाध्यापकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पोश अधिनियम के प्रावधानों से अवगत कराएं. इससे कार्यस्थल पर भयमुक्त वातावरण तैयार होगा और महिलाएं सुरक्षित महसूस करेंगी.

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

बीईओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी विद्यालय द्वारा इस निर्देश का पालन नहीं किया जाता है, तो संबंधित संस्था के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी. यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा, सम्मान और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा.

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Published by: Ragini Sharma

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