Kaimur News : कैमूर जिले में गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में सोलर पैनल लगाने का काम तेजी से चल रहा है. जिले के 11 प्रखंडों के 52 गांवों में चयनित बीपीएल परिवारों के घरों पर 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं. विद्युत विभाग ने 15 अक्टूबर तक लक्षित बीपीएल उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा के माध्यम से मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
52 गांवों में 4943 सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य
योजना के तहत जिले में कुल 4943 सोलर पैनल लगाए जाने हैं. विभाग के अनुसार, अब तक 1172 सोलर स्ट्रक्चर तैयार किए जा चुके हैं, जबकि 415 घरों की छत पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं. शेष घरों में भी इंस्टॉलेशन का काम तेजी से कराया जा रहा है. विभागीय टीम गांव-गांव पहुंचकर लाभुक परिवारों के घरों का निरीक्षण कर रही है.
पंचायत स्तर पर घरों की हो रही जांच
सोलर पैनल लगाने से पहले पंचायत स्तर पर बीपीएल परिवारों के घरों का सर्वे किया जा रहा है. विभागीय कर्मी और संबंधित एजेंसी के कर्मचारी घर-घर जाकर छत की उपलब्धता और उसकी मजबूती की जांच कर रहे हैं. सोलर पैनल लगाने के लिए पर्याप्त जगह और उपयुक्त संरचना मिलने के बाद वहां स्ट्रक्चर तैयार कर पैनल लगाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
जिले में 18,084 बीपीएल बिजली उपभोक्ता
विद्युत विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कैमूर जिले में पहले चरण में कुल 18,084 बीपीएल बिजली उपभोक्ता चिह्नित हैं. इनमें चयनित परिवारों के घरों पर चरणबद्ध तरीके से सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं. सौर ऊर्जा की व्यवस्था होने से ग्रामीण परिवारों को बिजली की उपलब्धता में राहत मिलने की उम्मीद है. साथ ही पारंपरिक बिजली पर उनकी निर्भरता भी कम हो सकती है.
15 अक्टूबर तक लक्ष्य पूरा करने की चुनौती
विद्युत विभाग के विद्युत अभियंता शशिकांत कुमार ने बताया कि सोलर पैनल लगाने का काम तेजी से कराया जा रहा है. पंचायतों में जाकर बीपीएल परिवारों के घरों की जांच की जा रही है और उपयुक्त छत वाले मकानों पर इंस्टॉलेशन कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि विभाग का लक्ष्य 15 अक्टूबर तक सभी लक्षित बीपीएल उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना है.
वर्तमान में 415 सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं, जबकि लक्ष्य के अनुसार 4528 पैनल अभी लगाए जाने बाकी हैं. निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करना विभाग के सामने बड़ी चुनौती है. इसके लिए गांवों में सर्वे और इंस्टॉलेशन का काम लगातार जारी है तथा अधिकारियों द्वारा कार्य की प्रगति की नियमित निगरानी की जा रही है.
