कैमूर से विकास कुमार की रिपोर्ट
Kaimur Crime News : मारपीट में गंभीर रूप से महिला समेत तीन लोगों के जख्मी होने के बावजूद बेलांव थाना के द्वारा मनमानी करते हुए प्राथमिकी दर्ज नहीं करने का मामला सामने आया है. मारपीट में गंभीर रूप से जख्मी हुई महिला के द्वारा पिछले दो दिनों से डायल 112 से लेकर बेलांव थाना तक को लगातार फोन किया गया, आवेदन दिया गया लेकिन थानेदार ने न प्राथमिकी दर्ज की और न ही घटनास्थल पर जाकर मामले में दोषी लोगों पर कोई कार्रवाई की.
एसपी के पास पहुंचा पीड़ित परिवार
थानेदार की मनमानी से परेशान होकर पीड़ित परिवार बुधवार को इसकी गुहार लेकर एसपी के पास पहुंचा. एसपी हरिमोहन शुक्ला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जहां एक तरफ थानेदार को फटकार लगाई, वहीं दूसरी तरफ मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है.
दो दिनों पहले लाठियां चलने से दो महिलाओं का फटा सिर
दरअसल, दो दिनों पहले बेलांव थाना क्षेत्र के मईडाड़ खुर्द गांव में जमीनी विवाद को लेकर शंकर बिंद एवं विजय शंकर बिंद के परिवार के बीच जमकर मारपीट हुई. दोनों पक्षों की तरफ से दिन में खुलेआम लाठियां चलीं, जिसमें कुल चार लोग जख्मी हो गए. लगभग आधे घंटे तक चली लाठीबाजी में दो महिलाओं का सिर फट गया. पूरे घटनाक्रम का पीड़ित परिवार के द्वारा वीडियो भी बनाया गया है.
घटना से पीड़ित लोगों ने इसकी सूचना तत्काल डायल 112 को दी, लेकिन डायल 112 की पुलिस ने यह कहकर पल्ला झाड़ दिया कि आप थाने पर जाकर इस मामले का केस दर्ज कराएं. जब पीड़ित परिवार ने थाने पर जाकर आवेदन दिया और घटनास्थल पर चलकर मामले में दोषियों पर कार्रवाई के लिए कहा, तो बेलांव थाना की पुलिस ने गाड़ी खराब होने का हवाला देकर बाद में आने की बात कही. लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी न पुलिस आई, न उक्त मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज की गई और न ही किसी पर कोई कार्रवाई की गई.
थाने की मनमानी से तंग आकर एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित
इसके बाद घटना में जख्मी हुए लोगों ने अस्पताल में जाकर अपना इलाज कराया और सिर में पट्टी बांधे हुए सभी महिलाएं एसपी हरिमोहन शुक्ला के कार्यालय पर पहुंच गईं. एसपी ने महिलाओं की हालत देख तत्काल बेलांव थाना के थानेदार को फटकार लगाते हुए कार्रवाई करने का आदेश दिया.
पुलिस हम लोगों की बात नहीं सुन रही है- पीड़ित परिवार
इधर पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस हम लोगों की बात नहीं सुन रही है. हम लोगों का सिर फटा हुआ है और पूरा शरीर खून से लथपथ है, लेकिन थाने को इससे कोई मतलब नहीं है. जब हमारी कहीं पर सुनवाई नहीं हुई तो हम एसपी के पास आए हैं. अभी भी हमें थाने पर भरोसा नहीं है कि वह कोई कार्रवाई करेगी, क्योंकि थाना खुलेआम मनमानी कर रहा है और थाने पर किसी तरह का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है.
एसपी ने क्या बताया ?
इधर, एसपी हरिमोहन शुक्ला ने उक्त मामले में पूछे जाने पर कहा कि घटना को लेकर थानेदार को फटकार लगाई गई है. थानेदार ने बताया है कि पीड़ित परिवार के द्वारा आवेदन नहीं दिया गया था, जिसके कारण प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकी है. एसपी ने स्पष्ट कहा कि अगर पीड़ित परिवार ने प्राथमिकी का आवेदन नहीं भी दिया था, तो भी पुलिस को फर्दबयान पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए थी. थानेदार को तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने का सख्त आदेश दिया गया है.
Also Read: कैमूर: काम से लौटा पति तो उड़ गए होश, फंदे से लटका मिला पत्नी का शव; मासूम के सिर से उठा मां का साया
