Kaimur News : भगवानपुर-अधौरा सड़क के भगवानपुर बाजार वाले हिस्से में सोन नहर पर बना पुराना पुल इन दिनों जर्जर हालत में है. पुल का निचला हिस्सा कई जगह से टूट चुका है और कमजोर हो गया है. इसके बावजूद पुल से रोजाना भारी और अधिक भार वाले वाहनों का आवागमन जारी है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है.
कई जगह से टूट चुका है पुल का निचला हिस्सा
स्थानीय लोगों के अनुसार सोन नहर पर बना यह पुल कई दशक पुराना है. लंबे समय से देखरेख और मरम्मत के अभाव में पुल का निचला हिस्सा कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया है. पुल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए लोगों में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.
'पुल कमजोर है' का बोर्ड लगा, फिर भी नहीं रुका भारी वाहनों का आवागमन
पुल के दोनों ओर विभाग की ओर से 'पुल कमजोर है' का बोर्ड लगाया गया है. इसके बावजूद भारी वाहनों के आवागमन पर रोक नहीं लगायी गयी है. प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारी वाहन इसी पुल से होकर गुजर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ चेतावनी बोर्ड लगाने से खतरा खत्म नहीं होगा, बल्कि पुल की स्थिति को देखते हुए तत्काल ठोस कदम उठाने की जरूरत है.
थाना और प्रखंड कार्यालय से कुछ ही दूरी पर है जर्जर पुल
हैरानी की बात यह है कि जर्जर पुल भगवानपुर थाना और प्रखंड कार्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित है. जिले के कई पदाधिकारी भी इसी सड़क से होकर आवागमन करते हैं. इसके बावजूद पुल की जर्जर स्थिति को लेकर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर स्थानीय लोगों में नाराजगी है.
लगातार पुल टूटने की घटनाओं से चिंतित स्थानीय लोग
प्रखंड के बुद्धिजीवियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बिहार में लगातार पुलों के टूटने और क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आती रही हैं. ऐसे में भगवानपुर में सोन नहर पर बने इस पुराने पुल की स्थिति को भी गंभीरता से लेने की जरूरत है. लोगों ने विभागीय अधिकारियों से पुल का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है.
समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो हो सकता है बड़ा हादसा
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं करायी गयी या भारी वाहनों के आवागमन पर रोक नहीं लगायी गयी तो कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है. लोगों का कहना है कि दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय विभाग को पहले ही एहतियाती कदम उठाने चाहिए. हादसा होने की स्थिति में संबंधित विभाग और जिम्मेदार पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए.
