Kaimur Flood Health Preparedness : कैमूर जिले में संभावित बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए राज्य स्वास्थ्य समिति ने स्वास्थ्य विभाग को व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. बाढ़, जलजनित बीमारियों और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं से निपटने के लिए अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता, चलंत चिकित्सा दल की तैनाती और संवेदनशील क्षेत्रों की पहले से पहचान करने को कहा गया है.
Kaimur News : बाढ़ और सुखाड़ दोनों के लिए स्वास्थ्य विभाग को तैयारी के निर्देश
राज्य स्वास्थ्य समिति ने निर्देश दिया है कि बाढ़ के साथ-साथ सूखे की स्थिति में भी लोगों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. सुखाड़ प्रभावित क्षेत्रों में सांस संबंधी बीमारियां, पोषण की कमी और त्वचा रोग बढ़ने की आशंका को देखते हुए आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है.
दस्त, डेंगू, मलेरिया और सांप काटने की दवाएं रहेंगी उपलब्ध
निर्देश के अनुसार तीव्र दस्त, आंत्र ज्वर, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, त्वचा रोग, सांप और कुत्ते के काटने जैसी आपात स्थितियों के उपचार के लिए सभी आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण किया जाएगा. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सामुदायिक, प्राथमिक और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
बाढ़ प्रभावित स्वास्थ्य केंद्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था.
हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होने वाले स्वास्थ्य केंद्रों की पहचान कर उनके लिए पहले से वैकल्पिक और सुरक्षित स्थान चिन्हित करने को कहा गया है, ताकि बाढ़ के दौरान भी स्वास्थ्य सेवाएं बिना बाधा जारी रह सकें.
गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों की होगी लाइन लिस्टिंग
आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को निर्देश दिया गया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संभावित प्रसव वाली गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, दिव्यांगों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों का सर्वे कर उनकी लाइन लिस्टिंग तैयार करें. महामारी की आशंका वाले क्षेत्रों पर भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया है.
चलंत मेडिकल टीम नाव से पहुंचेगी दूरदराज के इलाकों में
बाढ़ के दौरान चलंत चिकित्सा दलों में चिकित्सक, नर्स, एएनएम और पैरामेडिकल कर्मी शामिल रहेंगे. ये टीमें आपदा प्रबंधन विभाग, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के समन्वय से नावों के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगी. इसके लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग से समर्पित नावों की व्यवस्था भी की जाएगी.
राहत शिविरों में मातृत्व केंद्र और महामारी रोकथाम पर जोर
निर्देश में कहा गया है कि राहत शिविरों में अस्थायी मातृत्व केंद्र, स्तनपान कक्ष और परामर्श केंद्र स्थापित किए जाएं. बाढ़ का पानी उतरने के बाद मलेरिया, डेंगू और कालाजार जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए कीटनाशकों, ब्लीचिंग पाउडर और चूना मिश्रण का छिड़काव भी सुनिश्चित किया जाएगा.
