Kaimur News : धान का बिचड़ा डालने लगे किसान, पर नहीं मिल रहा सरकारी बीज

जिला कृषि विभाग के पास अभी धान के बीज का स्टॉक मात्र 160 क्विंटल है जो लक्ष्य के 10 प्रतिशत भी नहीं है.

भभुआ. खरीफ फसल का सीजन आरंभ होने के साथ ही जिले में किसानों द्वारा धान का बिचड़ा डालने का काम शुरू कर दिया गया है, पर जिला कृषि विभाग के पास अभी धान के बीज का स्टॉक मात्र 160 क्विंटल है जो लक्ष्य के 10 प्रतिशत भी नहीं है. जबकि, कृषि विभाग द्वारा खरीफ फसल के विभिन्न किस्मों का लगभग 2500 क्विंटल बीज किसानों को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. गौरतलब है कि रोहणी नक्षत्र के नवतपा समाप्त होने के साथ ही किसानों ने धान के बिचड़ा डालने का काम आरंभ कर दिया है और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने को लेकर किसान उन्नत बीजों के तलाश में बाजार में मंडराने लगे हैं. इधर, बीज वितरण को लेकर प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी शिवजी कुमार ने बताया कि जिले में धान की खेती के लिए लगभग ढाई हजार क्विंटल बीज की जरूरत पड़ेगी . लेकिन अभी विभाग को मुख्यमंत्री तीव बीज विस्तार योजना के तहत 160.56 क्विंटल बीज ही उपलब्ध हो पाया है. इसका उपावंटन सभी प्रखंडों को कराया जा रहा है. लेकिन, दो-चार दिनों के अंदर ही विभाग को बिहार राज्य बीज निगम से 10 वर्ष से कम अवधि के धान के बीज, शंकर धान के बीज सहित अरहर तथा मक्का के भी बीज प्राप्त हो जायेंगे. उसे किसानों के बीच अविलंब वितरित कराया जायेगा. = धान के बीज पर मिलेगा 50 से 90 प्रतिशत अनुदान खरीफ सीजन में सरकार द्वारा किसानों को 50 से 90 प्रतिशत अनुदान पर धान का बीज उपलब्ध कराया जायेगा. इस संबंध में प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी शिवजी कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा अनुदानित दर पर दिया जाने वाला बीज सिर्फ ऑनलाइन आवेदन किये किसानों को ही मिलेगा. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री त्रीव बीज योजना के तहत प्रत्येक गांव में दो ही किसानों को छह किलो की मात्रा में यह बीज दिया जाना है. यह फाउंडेशन बीज होता है. सरकार इस बीज पर 90 प्रतिशत अनुदान दे रही है. किसानों को यह बीज लगभग पांच रुपये किलो के हिसाब से मिलेगा. ताकि किसान इस बीज के फसल का अगले सीजन में फिर बीज के रूप में प्रयोग कर सकें और अन्य किसानों को भी यह बीज मूल्य पर उपलब्ध करा सकें. क्योंकि इस बीज की बुआई से किसान बेहतर उत्पादन पा सकते हैं. इसी तरह 10 वर्ष से कम अवधि के धान के बीज पर सरकार 50 प्रतिशत अनुदान दे रही है. यह बीज किसानों को लगभग 21 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलेगा. जबकि, शंकर धान का बीज किसानों को लगभग 219 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 50 प्रतिशत के अनुदान पर वितरित किया जायेगा. साथ ही खरीफ सीजन में विभाग किसानों को अरहर का बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर 85 रुपये प्रति किलो के हिसाब से तथा मक्का का बीज 75 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करायेगी. इन्सेट 1 किसान बाजार से बीज खरीदने को विवश भभुआ. जिले में बड़े पैमाने पर किसानों को अनुदानित दर पर सरकारी बीज नहीं मिल पाता है. क्योंकि कृषि विभाग द्वारा वितरित किये जाने वाले बीज पहले तो समय से उपलब्ध होने में देर हो जाती है. ऊपर से राष्ट्रीय योजना या राज्य योजना से कृषि विभाग को प्राप्त हुए बीज विभिन्न श्रेणी में चयनित या ऑन लाइन निबंधन कराये किसानों को ही मिल पाता है, जिनको ओटीपी प्राप्त हुआ है. इसी तरह सीधे बिहार राज्य बीज निगम द्वारा भी कृषि विभाग के अतिरिक्त वैसे किसानों को ही प्रमाणित बीज उपलब्ध कराया जाता है जो बीज निगम से खरीदे धान या गेहूं के प्रमाणित बीजों का उत्पादन करने के बाद अपनी उपज बिहार राज्य बीज निगम को बेचते हैं. जबकि, कृषि प्रधान इस जिले में किसानों की संख्या लाखों से भी ऊपर है. ऐसे में बड़ी संख्या में किसानों को खुले बाजार में ही बीज विक्रेताओं की दुकान से बीज खरीदना पड़ता है, जो काफी महंगा पड़ता है.

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Published by: Prabhanjay kumar

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