Kaimur News : रामपुर प्रखंड क्षेत्र के सबार गांव के किनारे से होकर गुजरने वाली दुर्गावती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. कैमूर और रोहतास जिले को अलग करने वाली यह नदी इन दिनों उफान पर है. जिले में रविवार से लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ी जलधारा के बीच सोमवार की शाम दुर्गावती जलाशय का फाटक उठाये जाने के बाद नदी में पानी का प्रवाह और तेज हो गया है.
नदी का जलस्तर बढ़ने से सबार गढ़, तेनुआ, कुड़ारी और शिवपुर समेत नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है. कई जगहों पर पानी लोगों के घरों तक पहुंच चुका है. इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है और लोग अपने मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए ऊंचे स्थानों पर ले जा रहे हैं.
घरों के पास पहुंचा पानी, मवेशियों को सुरक्षित जगह भेज रहे ग्रामीण
सबार गढ़ गांव के किनारे करीब 150 से अधिक लोग रहते हैं. नदी का पानी बस्ती के बेहद करीब पहुंच जाने से ग्रामीणों में भय का माहौल है. स्थानीय निवासी शिवबच्चन मल्लाह और लालमुनि देवी ने बताया कि नदी का पानी उनके घरों के पास तक पहुंच गया है. ऐसे में मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ रहा है.
श्री भगवान मल्लाह ने बताया कि उनके पशुओं को बांधने वाले घर में भी बाढ़ का पानी घुस गया है. इसके बाद पशुओं को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया. ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो कई घरों में पानी प्रवेश कर सकता है.
नदी किनारे बने श्मशान घाट पूरी तरह डूबे
दुर्गावती नदी का जलस्तर बढ़ने का असर नदी किनारे बने श्मशान घाटों पर भी पड़ा है. सभी श्मशान घाट पानी में डूब चुके हैं. ऐसे में यदि बाढ़ के दौरान किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो परिजनों को अंतिम संस्कार करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
ग्रामीणों का कहना है कि नदी किनारे बनाये गये श्मशान घाट को ऊंचे स्थान पर बनाया जाना चाहिए था. बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने के कारण घाट डूब जाता है, जिससे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों के सामने परेशानी खड़ी हो जाती है.
सुरक्षा दीवार नहीं होने से ग्रामीणों में डर
नदी किनारे रहने वाली पूनम देवी और पिंकी देवी ने बताया कि सुरक्षा दीवार नहीं होने के कारण हर समय खतरा बना रहता है. नदी और घरों के बीच कई जगह महज तीन से चार फीट की दूरी बची है. जलस्तर बढ़ने के कारण कटाव और हादसे की आशंका बनी हुई है.
ग्रामीणों के अनुसार बच्चों के नदी में गिरने, घरों में सांप-बिच्छू के घुसने और रात के समय घर गिरने का डर बना रहता है. नदी का पानी लगातार बढ़ने से स्थिति और चिंताजनक हो गयी है.
सांसद-विधायक से कई बार की मांग, अब तक नहीं हुई पहल
ग्रामीणों ने बताया कि दुर्गावती नदी के किनारे सुरक्षा दीवार निर्माण को लेकर कई बार विधायक, सांसद और जिला प्रशासन से मांग की जा चुकी है. इसके बावजूद अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा दीवार बन जाने से नदी के कटाव और बाढ़ के दौरान होने वाले हादसों से काफी हद तक बचाव हो सकता है.
फिलहाल नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण ग्रामीणों की निगाह प्रशासन की ओर है. लोगों को आशंका है कि बारिश जारी रहने और नदी में पानी बढ़ने की स्थिति में बाढ़ का असर और अधिक गांवों तक पहुंच सकता है.
