Kaimur News : कैमूर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग और भारतमाला जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति देने के लिए जिला पदाधिकारी कुमार अनुराग ने भू-अर्जन से जुड़े लंबित मामलों को लेकर सख्त रुख अपनाया है. शनिवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक में डीएम ने भू-अर्जन, एनएच और एनएचएआई से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति का बिंदुवार आकलन किया. बैठक में भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, मुआवजा वितरण, दखल-कब्जा, पंचाट निर्माण और लंबित मामलों की समीक्षा की गयी.
भारतमाला के तीनों पैकेज में करोड़ों का मुआवजा भुगतान
बैठक के दौरान भारतमाला परियोजना के तहत अधिगृहीत भूमि का पैकेजवार आकलन किया गया. अधिकारियों ने बताया कि पैकेज-1 में 211 आवेदन पत्रों का निष्पादन करते हुए 22 करोड़ 21 लाख 25 हजार 935 रुपये का भुगतान किया जा चुका है. पैकेज-2 में 927 रैयतों के खातों में एक अरब 30 करोड़ 69 लाख 6 हजार 605 रुपये की राशि अंतरित की गयी है. वहीं पैकेज-3 में 785 आवेदनों के विरुद्ध 58 करोड़ 36 लाख 69 हजार 956 रुपये का मुआवजा वितरित किया गया है.
लंबित भुगतान में देरी पर डीएम ने जतायी नाराजगी
मुआवजा वितरण की समीक्षा के बाद डीएम ने निर्देश दिया कि जिन रैयतों का भुगतान अभी लंबित है, उनकी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए. सभी पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से मुआवजा राशि उपलब्ध कराने को कहा गया. डीएम ने स्पष्ट किया कि भू-अर्जन से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
कोर्ट केस और मिसिंग प्लॉट पर विशेष नजर
समीक्षा बैठक में आर्बिट्रेशन न्यायालय में लंबित मामलों, विभिन्न अदालतों में चल रहे वादों और मिसिंग प्लॉट से संबंधित मामलों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. जिला पदाधिकारी ने इन मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के कारण महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की रफ्तार प्रभावित नहीं होनी चाहिए.
पारदर्शी मुआवजा और विवादों के त्वरित समाधान पर जोर
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिगृहीत भूमि के भू-स्वामियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए. रैयतों को भुगतान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसका भी ध्यान रखने को कहा गया. भू-अर्जन से संबंधित आपत्ति और विवादों का नियमों के तहत शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया गया, ताकि एनएच और अन्य विकास परियोजनाओं के निर्माण में किसी तरह की बाधा न आए.
अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग का निर्देश
बैठक में अपर समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी भभुआ, भूमि सुधार उप समाहर्ता भभुआ एवं मोहनियां के अलावा एनएच, एनएचएआई और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. बैठक के अंत में डीएम ने सभी अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि भू-अर्जन की प्रक्रिया में तेजी आने से जिले में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग और भारतमाला परियोजनाओं को भी समय पर आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
