मोहनिया में वित्तीय वर्ष 2020-21 में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत अपनी राशि खर्च कर काम कराने वाले भोखरी पंचायत के तत्कालीन मुखिया सुकालू बिन्द को अब बकाया राशि मिलने की उम्मीद बढ़ गयी है. कार्य पूरा होने के बाद भी भुगतान नहीं होने के मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासन ने भुगतान की प्रक्रिया तेज कर दी है. विभाग से विशेष राशि उपलब्ध कराने की मांग की गयी है और तत्कालीन मुखिया के पक्ष में करीब 50 लाख रुपये का भुगतान करने की कवायद शुरू हो गयी है.
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी कुमार अनुराग ने संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिये हैं. डीएम ने उप विकास आयुक्त को प्रखंड विकास पदाधिकारी, बीपीआरओ, पंचायत सचिव और वर्तमान मुखिया के खिलाफ प्रपत्र 'क' गठित कर विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र जारी करने का आदेश दिया है.
भुगतान के लिए पहले भी दर्ज करायी थी शिकायत
तत्कालीन मुखिया सुकालू बिन्द ने सात निश्चय योजना के तहत खर्च की गयी अपनी राशि के भुगतान को लेकर अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण कार्यालय, मोहनिया में भी परिवाद दायर किया था. उस समय तत्कालीन बीडीओ, मुखिया और पंचायत सचिव की ओर से राशि उपलब्ध नहीं होने की बात कही गयी थी. साथ ही राशि उपलब्ध होते ही तत्कालीन मुखिया के पक्ष में भुगतान करने की बात कही गयी थी.
लंबा समय बीतने के बाद भी जब बकाये का भुगतान नहीं हुआ तो तत्कालीन मुखिया ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव को भी तलब किया. इसके बाद प्रशासनिक महकमे में इस मामले को लेकर हलचल तेज हो गयी.
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद विभाग से मांगी गयी विशेष राशि
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब विभाग से विशेष राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गयी है. इसके तहत तत्कालीन मुखिया के बकाये के भुगतान के लिए करीब 50 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराने की कवायद चल रही है.
जिलाधिकारी ने मामले में अधिकारियों की भूमिका को भी गंभीरता से लिया है. डीएम के निर्देश के बाद भुगतान में देरी करने वाले संबंधित पदाधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों पर विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू होने की बात सामने आयी है.
पुरानी योजना का भुगतान होने के बाद ही नयी योजना का चयन
जिलाधिकारी कुमार अनुराग ने स्पष्ट किया है कि विभागीय गाइडलाइन के अनुसार किसी पुरानी योजना के पूरा होने के बाद उसका पूर्ण भुगतान किया जाना जरूरी है. इसके बाद ही नयी योजना का चयन और उसका क्रियान्वयन किया जाना चाहिए.
डीएम के अनुसार, इस मामले में पुरानी योजना का भुगतान लंबित रहने के बावजूद आगे की प्रक्रिया की गयी. तत्कालीन मुखिया लगातार बकाया राशि के भुगतान की मांग करते रहे. इस बीच कई बार राशि उपलब्ध होने और योजनाओं पर खर्च किये जाने की बात भी सामने आयी, लेकिन तत्कालीन मुखिया को उनकी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया.
डीएम ने कहा, जिम्मेदार लोगों पर होगी विभागीय कार्रवाई
इस संबंध में जिलाधिकारी कुमार अनुराग ने कहा कि पुरानी योजना के पूर्ण होने पर उसके पूर्ण भुगतान के बाद ही नयी योजना का चयन और क्रियान्वयन करने का प्रावधान है. संबंधित पदाधिकारी और मुखिया द्वारा इसका पालन नहीं किया गया.
उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुखिया को बकाया राशि का भुगतान करने का आदेश दिया गया है. साथ ही बीडीओ, बीपीआरओ, पंचायत सचिव और वर्तमान मुखिया पर प्रपत्र 'क' गठित कर विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है.
