Crime News: फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर का कुटुंबा में मिला शव, 9 दिन पहले हुआ था अपहरण

Crime News: अभिषेक पांडेय का शव अपहरण के नौ दिन बाद कुटुंबा थाना क्षेत्र के उत्तर कोयल नहर बतरे नदी के समीप से शनिवार की शाम बरामद किया गया है.

Crime News: कैमूर जिले के मोहनिया से छह सितंबर को गायब युवक अभिषेक पांडेय का शव अपहरण के नौ दिन बाद कुटुंबा थाना क्षेत्र के उत्तर कोयल नहर बतरे नदी के समीप से शनिवार की शाम बरामद किया गया है. शव बरामदगी के समय अंबा थानाध्यक्ष राहुल राज, कुटुंबा थाना के पुलिस पदाधिकारी प्रशांत त्रिवेदी, रवि शंकर कुमार के साथ-साथ मोहनिया एवं यूपी की पुलिस भी मौजूद थी. शव की पहचान प्रयागराज जिला अंतर्गत मेजा थाना क्षेत्र के परानीपुर गांव निवासी अभिषेक पांडेय (32 वर्ष) के रूप में की गई है . पता चला कि अभिषेक मोहनिया में चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी में ब्रांच मैनेजर के रूप में कार्य करता था. परिजनों ने बताया कि छह सितंबर से वह अचानक गायब हो गया था. सहकर्मियों ने इसकी सूचना मृतक के परिजनों को दी. सूचना पर पहुंचे परिजनों ने मोहनिया थाना में उसकी गुमशुदगी से संबंधित रिपोर्ट दर्ज करायी. परिजन मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसका पता लगाने में जुट गए.

मृतक के चाचा ने क्या बताया

मृतक के चाचा जयशंकर पांडेय के अनुसार अपहरणकर्ता अभिषेक को अपहरण कर नवीनगर रोड स्टेशन लाए. नवीनगर रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज में उसे देखा गया है. मोबाइल लोकेशन के आधार पर खोजते हुए परिजन पांडेपुर गांव पहुंचे जहां नहर किनारे यात्री शेड में मृतक का आईडी कार्ड, बैग, पर्स, एटीएम, जूता एवं अन्य सामग्री बिखरा हुआ मिला. यात्री शेड में खून के धब्बे एवं शव को घसीट कर नहर तक ले जाने के निशान भी मिले. खून के धब्बे एवं घसीट का निशान मिलने के बाद परिजनों को हत्या की आशंका हो गई.

परिजनों के आग्रह पर भीम बराज से आरएमसी गेट डाउन कर दिया गया. उसके बाद नहर में पानी कम होने पर युवक का शव दिखाई दिया. घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को पानी से बाहर निकाला तथा अपने कब्जे में लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया गया. थानाध्यक्ष अक्षयवर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा जाएगा. युवक के मौत से जुड़ी सभी बिंदुओं पर जांच -पड़ताल की जा रही है.

सीसीटीवी फुटेज में कैद है कई साक्ष्य

घटनास्थल पर पहुंचे मृतक के चाचा संजय कुमार पांडेय ने बताया कि वे यूपी के रायबरेली में एसआई के पद पर तैनात हैं. भतीजे के गायब होने की सूचना मिलते ही वे अपने अन्य परिजनों के साथ मोहनिया पहुंचे तथा उसकी खोजबीन शुरू की. उनका अनुभव काम आया. उन्होंने स्थानीय पुलिस के सहयोग से विभिन्न जगहों पर सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो मोहनिया रेलवे स्टेशन पर वह एक ट्रेन में चढ़ते हुए दिखा. इसके बाद नवीनगर रोड स्टेशन पर वह उतर गया. नवीनगर रोड रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई तो उसके साथ एक युवती दिखी. वहीं उसके आसपास तीन-चार लोग दिख रहें हैं. महिला का इशारा करने पर वह उक्त लोगों के साथ चला गया. जबकि सीसीटीवी फुटेज में उक्त महिला दूसरे दरवाजे से स्टेशन से बाहर जाते हुए दिख रही है. कुछ देर के बाद युवक एक बाइक पर बैठकर स्टेशन के बाहर जाते हुए दिखाई दे रहा है. इससे स्पष्ट हो गया कि उक्त युवक नबीनगर के हीं आसपास है. परिजनों ने किसी तरह उसका मोबाइल लोकेशन ट्रैक करवाया तो लास्ट लोकेशन नवीनगर थानाक्षेत्र के पांडेयपुर गांव में मिला.

एक सप्ताह पूर्व नहर में देखा गया था युवक का शव

एक सप्ताह पूर्व यानी सात सितंबर को कुछ लोगों ने ढ़िबर पिपरा गांव के समीप उत्तर कोयल नहर में युवक का शव देखा था. जिसका दोनों हाथ बंधा हुआ था. स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी कुटुंबा पुलिस को दी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को ढूंढने का प्रयास किया लेकिन नहर में पानी अधिक होने के कारण शव नहीं मिला.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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