kaimur News : कैमूर के चैनपुर प्रखंड मुख्यालय पर रविवार को राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोईया फ्रंट के तत्वावधान में रसोईया संघ की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता बलवंत पासवान ने की. इस दौरान बड़ी संख्या में रसोइया सह सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मानदेय बढ़ाने की मांग उठाई.
'3300 में दम नहीं, 20 हजार से कम नहीं' के लगे नारे
बैठक में मौजूद रसोइयों ने "3300 में दम नहीं, 20000 से कम नहीं" के नारे लगाए. उनका कहना था कि उनसे पूरे 12 महीने कार्य लिया जाता है, लेकिन मानदेय केवल 10 महीने का ही दिया जाता है. रसोइयों ने इस व्यवस्था को अन्यायपूर्ण बताते हुए पूरे वर्ष का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की.
20 हजार रुपये मासिक मानदेय की मांग
संघ के अध्यक्ष बलवंत पासवान ने कहा कि विद्यालयों में सुबह से दोपहर तक लगातार काम करने के बावजूद रसोइयों को मात्र 3300 रुपये मासिक मानदेय मिलता है, जो मौजूदा महंगाई के दौर में बेहद कम है. उन्होंने सरकार से सभी रसोइयों का मासिक मानदेय बढ़ाकर कम से कम 20 हजार रुपये करने की मांग की.
बीमा, सुरक्षा और वस्त्र देने की भी उठी मांग
रसोइयों ने प्रत्येक वर्ष दो जोड़ी सूती वस्त्र उपलब्ध कराने, खाना बनाने के दौरान संभावित दुर्घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराने तथा सभी रसोइयों का दुर्घटना बीमा कराने की मांग की. उनका कहना है कि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में समुचित इलाज और आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए.
मांगें नहीं मानी गईं तो होगा बड़ा आंदोलन
बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो जिले के सभी रसोइया जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी का घेराव करेंगे. इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी.
