Kaimur News : सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभुकों के लंबित जीवन प्रमाणीकरण को लेकर सोमवार को अहिवास पंचायत के विदामनचक गांव में विशेष अभियान चलाया गया. प्रखंड विकास पदाधिकारी, रामगढ़ के निर्देश पर जिला समन्वयक विकास मित्र कैमूर जयशंकर राम के नेतृत्व में कर्मियों ने घर-घर पहुंचकर पेंशनधारियों का भौतिक सत्यापन किया. अभियान के दौरान 55 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण किया गया, जबकि सत्यापन में सात लाभुक मृत मिले और दो लाभुक घर से बाहर पाये गये.
मृत पेंशनधारियों की हो रही पहचान
अभियान के दौरान जीवन प्रमाणीकरण के साथ मृत पेंशनधारियों को चिह्नित करने और नॉन-ट्रेसेबल लाभुकों की जानकारी जुटाने का काम भी किया गया. अधिकारियों और कर्मियों ने घर-घर जाकर लाभुकों की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली. इस दौरान पेंशनधारियों और उनके परिजनों को जीवन प्रमाणीकरण की अनिवार्यता के बारे में जागरूक किया गया.
एक सप्ताह में प्रमाणीकरण नहीं कराया तो बंद हो सकता है पेंशन भुगतान
जिला समन्वयक विकास मित्र कैमूर जयशंकर राम ने कहा कि जिन पेंशनधारियों का अभी तक जीवन प्रमाणीकरण नहीं हुआ है, वे एक सप्ताह के अंदर हर हाल में प्रमाणीकरण करा लें. निर्धारित समय में जीवन प्रमाणीकरण नहीं होने की स्थिति में पेंशन का भुगतान बंद हो सकता है. उन्होंने लाभुकों से अपील की कि वे इसे गंभीरता से लेते हुए समय सीमा के भीतर अपना जीवन प्रमाणीकरण अवश्य करा लें.
पात्र लाभुकों तक ही पहुंचे पेंशन का लाभ
उन्होंने बताया कि विशेष अभियान का उद्देश्य पेंशन योजना के वास्तविक लाभुकों का सत्यापन करने के साथ मृत और नॉन-ट्रेसेबल लाभुकों की पहचान करना है. इससे पेंशन योजना का लाभ केवल पात्र लोगों तक नियमित रूप से पहुंचाने में मदद मिलेगी और अपात्र लाभुकों के नाम पर होने वाले भुगतान को रोका जा सकेगा.
अभियान में सामाजिक कार्यकर्ता मुन्ना राम, तेज नारायण राम, संतोषी देवी, झुरी राम, सुरेंद्र राम, कुसमी देवी, सदन राम, सुमित्रा देवी, नौलखिया कुंवर, शिव वचन राम, सुदामा कुंवर, लाल बहादुर राम, राधिका कुंवर, धीरेंद्र सिंह, श्रीकांत सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
