Kaimur News : राज्य सरकार के निर्देश पर बुधवार को सीआरसी उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय पसाई (खजुरा) में प्रखंड स्तरीय बैठक आयोजित की गई. बैठक में प्रखंड के सभी सरकारी प्राथमिक, मध्य एवं माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक और प्रभारी शिक्षक शामिल हुए. बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी सह बीईओ प्रभारी ऋतु रंजन ने की.
RTE नियमों के पालन पर दिया जोर
बैठक का मुख्य उद्देश्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 एवं बिहार राज्य RTE नियमावली के अनुसार विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना और व्यवस्थाओं को मजबूत बनाना था. बीईओ ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति, शैक्षणिक प्रगति का रिकॉर्ड और अभिभावकों के साथ SMC/PTM बैठक नियमित रूप से कराना अनिवार्य है.
शिक्षकों की समयपालन पर सख्ती
बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी शिक्षक निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचे और बिना अनुमति स्कूल परिसर नहीं छोड़ें. इसे अनुशासनहीनता और RTE नियमों का उल्लंघन माना जाएगा.
बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार का निर्देश
बीईओ ने कहा कि विद्यालयों में किसी भी प्रकार का शारीरिक या मानसिक दंड पूरी तरह प्रतिबंधित है. शिक्षकों को बच्चों के साथ बेहतर व्यवहार और सकारात्मक माहौल बनाए रखने का निर्देश दिया गया.
कॉपी जांच और पढ़ाई की गुणवत्ता पर फोकस
शिक्षकों को समय-सारणी के अनुसार पढ़ाई कराने, गृहकार्य एवं क्लासवर्क की नियमित जांच कर हस्ताक्षर करने को कहा गया. साथ ही चेतना सत्र और मॉर्निंग असेंबली को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया.
मोबाइल इस्तेमाल पर रोक
कक्षा संचालन के दौरान शिक्षकों द्वारा मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया. इसके अलावा छात्रों की शत-प्रतिशत उपस्थिति, निर्धारित पोशाक, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, पेयजल और शौचालय व्यवस्था बेहतर रखने का निर्देश दिया गया.
E-Shikshakosh और APAAR ID पर विशेष निर्देश
बैठक में शिक्षकों को रोजाना E-Shikshakosh ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने को अनिवार्य बताया गया. वहीं सभी बच्चों की APAAR ID बनाने और नए नामांकन की जानकारी U-DISE पोर्टल पर दर्ज करने का निर्देश दिया गया.
'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान में भागीदारी अनिवार्य
बीईओ ने बताया कि 22 जून से 30 सितंबर 2026 तक प्रत्येक बच्चे को एक पौधा लगाने और उसकी तस्वीर ecoclubs.education.gov.in पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है.
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जारी निर्देशों का पालन नहीं करने वाले प्रधानाध्यापकों के खिलाफ RTE अधिनियम के प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने सभी विद्यालयों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा.
