Bihar News:(सतेन्द्र प्रताप सिंह) कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड में मंगलवार को बाल श्रम रोकथाम और बाल श्रमिकों की विमुक्ति को लेकर विशेष धावा दल अभियान चलाया गया. यह अभियान श्रम अधीक्षक चंदन कुमार द्वारा गठित जिला धावा दल के निर्देश पर संचालित किया गया. अभियान का नेतृत्व कुदरा प्रखंड के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी जय गोपाल नाथ सरकार ने किया. इस दौरान टीम ने विभिन्न दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण और छापेमारी की.
होटल में मिला बाल श्रमिक
छापेमारी के दौरान एनएच-2 के उत्तर स्थित अनामिका होटल में एक बाल श्रमिक कार्यरत पाया गया. टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बाल श्रमिक को वहां से मुक्त कराया. जांच में पता चला कि मुक्त कराया गया बाल श्रमिक गया जिले के बांकेबाजार प्रखंड का निवासी है. मुक्ति के बाद बच्चे को दादर स्थित बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया, जहां आगे की कानूनी और पुनर्वास प्रक्रिया शुरू की गई.
होटल संचालक पर प्राथमिकी दर्ज
श्रम विभाग ने होटल संचालक के खिलाफ बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का कार्य कराना कानूनन अपराध है. इसके अलावा 14 से 18 वर्ष के किशोरों से जोखिम भरे कार्य करवाना भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. इस अपराध के लिए दो वर्ष तक की सजा और 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है.
अधिकारियों ने दी जानकारी
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक मुक्त कराए गए बाल श्रमिक को तत्काल सहायता के रूप में 3 हजार रुपये की राशि भी प्रदान की जाती है, ताकि पुनर्वास में मदद मिल सके.
अभियान में कई अधिकारी रहे शामिल
इस अभियान में मोहनिया प्रखंड के राजीव रंजन निखर, दुर्गावती प्रखंड के अजितेश कुमार तिवारी, चाइल्ड हेल्पलाइन भभुआ के पर्यवेक्षक विनोद कुमार यादव सहित पुलिस बल की टीम भी मौजूद रही. अधिकारियों ने कहा कि बाल श्रम के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि किसी भी प्रतिष्ठान में बच्चों से काम न कराया जा सके.
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