हैदराबाद में सड़क हादसे में 18 वर्षीय युवक की मौत, छह दिन पहले ही गया था कमाने

Kaimur News : हैदराबाद में नौकरी करने गए रामगढ़ के 18 वर्षीय भोलू कुमार की सड़क हादसे में मौत. परिवार में पसरा मातम, मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल.

Kaimur News : पिता की मौत के बाद महज 18 वर्ष की उम्र में परिवार की जिम्मेदारी संभालने और मां, दादा, बड़े भाई व छोटी बहन का पेट पालने के लिए परदेस कमाने गया युवक जिंदगी की जंग हार गया. सिसौड़ा गांव निवासी स्वर्गीय कमलेश यादव के 18 वर्षीय पुत्र भोलू कुमार की सात सितंबर को हैदराबाद में सड़क हादसे में मौत हो गयी. महज छह दिन पहले ही वह गांव से रोजगार की तलाश में हैदराबाद गया था. बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और मां मंजू देवी का रो-रोकर बुरा हाल है.

एक सितंबर को दोस्तों के साथ गया था हैदराबाद

जानकारी के अनुसार, भोलू कुमार बीते एक सितंबर को गांव के सोनू यादव, पिंटू यादव, सुभाष यादव और दीपू गुप्ता के साथ ट्रेन से हैदराबाद नौकरी करने गया था. छोटी उम्र में ही पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद वह परिवार की आर्थिक स्थिति संभालने को लेकर चिंतित रहता था. हैदराबाद पहुंचने के बाद उसे एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी भी मिल गयी थी. परिवार को उम्मीद जगी थी कि अब भोलू कमाकर घर की स्थिति सुधारने में मदद करेगा.

ड्यूटी से लौटने के दौरान अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर

सात सितंबर को ड्यूटी समाप्त करने के बाद भोलू रोज की तरह पैदल अपने कमरे पर लौट रहा था. इसी दौरान मुख्य सड़क पर किसी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर लगने के बाद वह सड़क पर काफी दूर जा गिरा. हादसे में उसके सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट लगी. आसपास मौजूद लोगों ने उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.

पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर गांव के लिए रवाना हुए ग्रामीण

घटना की जानकारी मिलते ही हैदराबाद में रह रहे गांव के अन्य लोग अस्पताल पहुंचे और हादसे की सूचना परिजनों को दी. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ग्रामीण शव लेकर सिसौड़ा के लिए रवाना हो गये. इधर, बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया.

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बेटे की मौत से मां बेसुध, दादा और भाई-बहन भी रोते रहे

जवान बेटे की मौत की खबर सुनकर मां मंजू देवी बेसुध हैं. वृद्ध दादा कालिका यादव की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. मां से लिपटकर बड़ा भाई गोलू यादव और छोटी बहन कुमकुम भी लगातार रो रहे थे. जिस बेटे से परिवार को आर्थिक सहारे की उम्मीद थी, उसकी अर्थी परदेस से आने की खबर ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है.

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मुखिया ने परिजनों को बंधाया ढांढस

शव के गांव पहुंचने का इंतजार करते हुए पंचायत के मुखिया प्रदीप कुमार सिंह भी परिजनों के घर पहुंचे और पल-पल की जानकारी लेते रहे. उन्होंने दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया. घटना के बाद सिसौड़ा गांव में मातम पसरा है. ग्रामीण बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं.

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By संजय जायसवाल

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