Bhabua Electricity Crisis Protest : कैमूर जिले के भभुआ शहर में बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा. सोमवार की सुबह वार्ड संख्या 24 और 25 के सैकड़ों लोगों ने एकता चौक को जाम कर बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. सुबह करीब छह बजे शुरू हुए इस विरोध के कारण कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा.
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि पिछले काफी समय से इलाके में बिजली की स्थिति बदहाल बनी हुई है. दिन में कई-कई घंटे बिजली गायब रहती है, और जब बिजली आती भी है तो वोल्टेज इतना कम रहता है कि कोई भी उपकरण ठीक से काम नहीं करता. इससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है.
kaimur News : लो वोल्टेज से बढ़ी पानी की समस्या
स्थानीय लोगों ने बताया कि लो वोल्टेज की वजह से समरसेबल पंप तक नहीं चल पा रहे हैं. इसका सीधा असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है. भीषण गर्मी के इस दौर में पानी की किल्लत ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. कई घरों में सुबह से ही पानी भरने के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है. लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला. जमीनी स्तर पर कोई ठोस सुधार नहीं किया गया, जिससे लोगों का धैर्य जवाब दे गया.
अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
गुस्साए लोगों ने एकता चौक पर बैठकर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि अगर जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि लगातार हो रही अनदेखी से आम जनता परेशान हो चुकी है और अब वे चुप बैठने वाले नहीं हैं. जरूरत पड़ी तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा.
Electricity Crisis Protest : जाम से यातायात प्रभावित
सड़क जाम के कारण एकता चौक के आसपास कुछ समय तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही. हालांकि बाद में स्थानीय लोगों और प्रशासन के समझाने के बाद जाम को हटाया गया और यातायात सामान्य हो सका.
भभुआ में बिजली संकट अब गंभीर रूप लेता जा रहा है. लगातार कटौती और लो वोल्टेज ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर दिया है. अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में विरोध और तेज हो सकता है. प्रशासन के लिए यह एक चेतावनी है कि वह जल्द ठोस कदम उठाए और लोगों को राहत दिलाए.
