Begusarai Accident News : (विनोद कुमार सिंह) बेगूसराय सड़क हादसे में जान गंवाने वाले रतवारा थाना प्रभारी साजन पासवान का पार्थिव शरीर जब तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव भोपतपुर पहुंचा तो पूरा गांव गम में डूब गया. परिजनों की चीख-पुकार और ग्रामीणों की नम आंखों के बीच उन्हें अंतिम विदाई दी गई. हजारों लोगों ने अपने लोकप्रिय बेटे को श्रद्धांजलि अर्पित की.
तिरंगे में लिपटा शव पहुंचते ही रो पड़ा पूरा गांव
शुक्रवार देर रात जैसे ही साजन पासवान का पार्थिव शरीर कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र स्थित भोपतपुर गांव पहुंचा, पूरे गांव में मातम पसर गया. तिरंगे में लिपटे शव के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
माता-पिता का रो-रोकर हुआ बुरा हाल
अपने सबसे छोटे बेटे का शव देखकर वृद्ध माता-पिता खुद को संभाल नहीं सके. परिजनों के विलाप और ग्रामीणों की सिसकियों ने माहौल को बेहद भावुक बना दिया. हर किसी की आंखें नम थीं और पूरा गांव शोक में डूबा नजर आया.
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी हजारों लोगों की भीड़
गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपने प्रिय अधिकारी की अंतिम झलक पाने पहुंचे. लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनकी सेवा तथा व्यवहार को याद किया.
पुलिस बल ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
अंतिम दर्शन के दौरान कैमूर पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला, मोहनिया डीएसपी समेत जिले के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे. पुलिस बल द्वारा दिवंगत थाना प्रभारी को पूरे सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
एसपी ने पिता को सौंपा तिरंगा
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला ने साजन पासवान के पिता शुकर पासवान को राष्ट्रीय ध्वज सौंपकर श्रद्धांजलि अर्पित की. यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया.
सड़क हादसे में गई थी चार लोगों की जान
गौरतलब है कि शुक्रवार सुबह बेगूसराय के साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में तीन थाना प्रभारियों समेत चार लोगों की मौत हो गई थी. सभी अधिकारी पटना में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी उनकी कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई थी.
2018 बैच के कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे साजन पासवान
साजन पासवान वर्ष 2018 में बिहार पुलिस सेवा में दारोगा बने थे. वर्तमान में वे मधेपुरा जिले के रतवारा थाना के प्रभारी के रूप में कार्यरत थे. विभाग में उनकी पहचान एक ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार अधिकारी के रूप में थी.
शादी से पहले ही बुझ गया परिवार का सपना
परिजनों के अनुसार साजन पासवान की अभी शादी नहीं हुई थी. माता-पिता अपने छोटे बेटे को दूल्हे के रूप में देखने का सपना संजोए हुए थे, लेकिन असमय हुई इस दुखद मौत ने परिवार की सभी उम्मीदों को तोड़ दिया.
युवाओं के लिए प्रेरणा थे साजन पासवान
ग्रामीणों का कहना है कि साजन पासवान क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा थे. साधारण परिवार से निकलकर पुलिस अधिकारी बनने तक का उनका सफर कई युवाओं के लिए मिसाल था. उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ इस बात की गवाह रही कि उन्होंने अपने व्यवहार और सेवा से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी.
पूरे कैमूर में शोक का माहौल
साजन पासवान की असामयिक मृत्यु से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा कैमूर जिला स्तब्ध है. लोग उन्हें एक कर्मठ अधिकारी और नेक इंसान के रूप में याद कर रहे हैं. उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी.
