Kaimur News : 112 की गाड़ी पर सिपाही कम होने से बदमाश अक्सर कर दे रहे हमला

होली के दौरान कैमूर में दो जगहों पर पुलिस व प्रशासन पर हमले का मामला सामने आया, जिसमें पहला मामला चैनपुर थाना क्षेत्र के इसिया गांव में हुआ.

By PRABHANJAY KUMAR | March 17, 2025 9:04 PM

भभुआ कार्यालय. होली के दौरान कैमूर में दो जगहों पर पुलिस व प्रशासन पर हमले का मामला सामने आया, जिसमें पहला मामला चैनपुर थाना क्षेत्र के इसिया गांव में हुआ. वहां पर डीजे बजाने के विवाद की सूचना पर जब चैनपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी पुलिस बल के साथ उक्त गांव में कार्रवाई के लिए पहुंचे, तब वहां के स्थानीय लोगों द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी की गाड़ी पर हमला बोलते हुए पथराव कर दिया गया. इसमें उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गयी. इसके बाद दूसरा हमला भभुआ थाना क्षेत्र के बेतरी गांव में हुआ, जहां पर होली के दौरान दो घरों के बीच मारपीट की सूचना पर जब 112 की गश्ती गाड़ी वहां पहुंची, तो एक पक्ष द्वारा पुलिस की गाड़ी पर पथराव कर दिया गया. इसमें 112 की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गयी. दोनों हमले के मामले में खास बात यह रही कि पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल मांगनी पड़ी, तब हमलावर भागे और फिर हमला करने वाले लोगों को गिरफ्तार किया जा सका. बेतरी गांव में हुए पुलिस पर हमला या पूर्व में करमचट सहित अन्य जगहों पर पुलिस पर हुए हमले मामले की जब गंभीरता से पड़ताल की गयी, तो एक बात सामने आयी कि 112 की गश्ती गाड़ी में पुलिस बल की संख्या कम होना हमले का कई बार मुख्य कारण है. भभुआ थाना क्षेत्र के बेतरी गांव में होली के दिन दो पक्षों के बीच मारपीट हो रही थी, इस बीच जब गश्ती गाड़ी पहुंची तो उसे वक्त गाड़ी में दो सिपाही व एक पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे. झगड़ा करने वाले लोगों की संख्या काफी थी. पुलिस ने जब एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, तो पुलिस की कम संख्या को देखते हुए झगड़ा कर रहे लोगों द्वारा पुलिस पर हमला कर दिया गया, जिसमें पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गयी. बाद में जब पुलिस का अतिरिक्त बल वहां पहुंचा, तब कार्रवाई करते हुए हमला करने वाले पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया. इसके पहले करमचट थाना क्षेत्र में भी एक गांव में 112 की गश्ती गाड़ी छापेमारी करने गयी तो पुलिस की कम संख्या को देख स्थानीय लोगों द्वारा हमला कर दिया गया, जिसमें पुलिसकर्मी जख्मी हो गये थे. बाद में जब अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचा तब हमलावरों पर कार्रवाई की जा सकी और उन्हें गिरफ्तार किया गया. = पहले गश्ती गाड़ी में होते थे चार पुलिस के जवान हाल के दिनों में 112 की गाड़ी पर अक्सर दो पुलिस के जवान, एक पुलिस पदाधिकारी व एक चालक मौजूद होते हैं, जबकि पहले गश्ती गाड़ी पर कम से कम चार पुलिस के जवान, एक पुलिस पदाधिकारी और एक चालक होता था, जब कभी गश्ती गाड़ी घाट स्थल पर पहुंचती थी तो पुलिस के चार जवान होने के कारण उपद्रवी पुलिस पर हमला करने या पुलिस से उलझने में डरते थे. लेकिन हाल के दिनों में यह देखा जा रहा है कि 112 की गाड़ी में पुलिस जवान की संख्या मात्र दो होने के कारण अक्सर पुलिस पर हमला बोल देते हैं. प्रभात खबर की टीम ने सोमवार को जब 112 की गश्ती गाड़ी की पड़ताल की तो पाया कि अखलासपुर बायपास रोड में ड्यूटी पर तैनात 112 की गश्ती गाड़ी में दो पुलिस के जवान, एक पुलिस के पदाधिकारी व एक चालक मौजूद था. 112 की गश्ती गाड़ी से रिस्पांस टाइम हुआ कम 112 की गश्ती गाड़ी की सुविधा शुरू होने के बाद निश्चित रूप से किसी तरह की घटना घटित होने के बाद रिस्पांस टाइम कम हो गया है. पुलिस काफी कम समय में घटना स्थल पर पहुंच जा रही है. लेकिन यह भी देखा जा रहा है कि 112 की गश्ती गाड़ी में पुलिस जवान की संख्या मात्र दो होने के कारण पुलिस की मुश्किलें भी बढ़ गयी है. अक्सर घटनास्थल पर तेजी से 112 की गाड़ी पहुंच जाती है, लेकिन पुलिस की कम संख्या को देखकर बदमाश पुलिस की गाड़ी पर या पुलिस पर हमला बोल देते हैं. कई बार बदमाश आरोपित को जबरन छुड़ा भी लेते हैं. होली के दौरान कैमूर जिले में दो जगह पर पुलिस व प्रशासन के ऊपर हमला किया गया, जिस पर गंभीरता से कार्रवाई करने की जरूरत है, ताकि उपद्रवियों में कानून का भय स्थापित हो सके. = क्या कहते हैं एसपी एसपी हरिमोहन शुक्ला ने बताया कि होली के दौरान जो दो जगह पर हमले की बात कही जा रही है, उन दो जगह पर पुलिस पर हमला नहीं हुआ है. चैनपुर में बीडीओ की गाड़ी पर दूसरी तरफ से कुछ लोगों ने जब पुलिस और बीडीओ गांव में मौजूद थे, तब पत्थर फेंक शीशा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था. वहीं, 112 की गाड़ी में दो पुलिस के जवान रहने के बाबत पूछे गए सवाल पर उन्होंने बताया कि ऐसी कोई अनिवार्यता नहीं है कि 112 की गाड़ी में दो ही पुलिस के जवान रहेंगे, इसे जरूर के अनुसार पुलिस बल की संख्या बढ़ायी जा सकती है.

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