भभुआ सदर : जिले के अधिकारियों के सुस्त रवैये के चलते शहर से आने-जानेवाले सवारी वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक नहीं लग पा रहा है, जिसके चलते अक्सर दुर्घटना होती है व आम लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है. पुलिस को इसकी जानकारी तो है लेकिन वह कोई ठोस कार्रवाई करने की जगह केवल आश्वासन ही देती है. सबसे खराब स्थिति तो परिवहन विभाग की हो गयी है, जहां से न तो ओवरलोडिंग पर लगाम लग पा रहा है और नहीं वाहनों की रफ्तार पर.
सवारी वाहनों की रफ्तार पर नहीं लग रही लगाम
भभुआ सदर : जिले के अधिकारियों के सुस्त रवैये के चलते शहर से आने-जानेवाले सवारी वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक नहीं लग पा रहा है, जिसके चलते अक्सर दुर्घटना होती है व आम लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है. पुलिस को इसकी जानकारी तो है लेकिन वह कोई ठोस कार्रवाई करने की जगह केवल […]

डीएम के निर्देश का भी नहीं हो रहा पालन : शहर में सवारी वाहनों को व्यवस्थित करने व उनकी रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए जिला पदाधिकारी कई बार निर्देश जारी किया, लेकिन डीएम के निर्देश पर को भी अमल में नहीं लाया जा रहा है. डीएम श्री सिंह ने कई बार बैठक कर अधौरा, भगवानपुर व भभुआ-मोहनिया मुख्य सड़क से गुजरनेवाले वाहनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने का को कहा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.
तेज रफ्तार वाहनों से हो चुके हैं कई हादसे : तेज रफ्तार वाहनों के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं. पिछले महीने 12 जनवरी को बियूर से वाराणसी जा रही बस अवारी दैत्यरा बाबा के समीप तेज रफ्तार के चलते पलट गयी थी, जिसमें सवार बैंक अधिकारी सहित 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये थे.
इसी प्रकार 15 जनवरी को इलाज कराने जा रही यात्रियों से भरी एक पिकअप भभुआ-भगवानपुर सड़क स्थित मुसहरवा बाबा के समीप पलट कर पेड़ के तने से फंस गयी थी. इस हादसे में भी कई महिलाओं सहित 11 लोग जख्मी हो गये थे. 17 जनवरी को ट्रैक्टर से साइड लेने में शहर के वन विभाग के समीप से चली एक ऑटो भगवानपुर जाने के दौरान पढ़ौती गांव के समीप पलट गयी थी, जिसमें सवार जीविका की भगवानपुर को-आर्डिनेटर कंचन कुमारी सहित आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गये थे.