भभुआ नगर : सरकारी स्कूलों में वर्ष 2016 के लिए मिलनेवाली साइकिल व पोशाक के रुपये विभाग को सरकार ने आवंटित कर दिया है. अब जिला शिक्षा विभाग इन मदों में मिले रुपये को छात्र-छात्राओं के बीच वितरित करने की कवायद में जुट गया है. इस मद में आये रुपयों का वितरण सीधे छात्र-छात्राओं के बैंक एकाउंट में किया जायेगा. जिन छात्रों का खाता अ भी भी नहीं खुल पाया है उनका पैसा उनके अभिभावकों के खाते में भेजने का निर्देश दिया गया है. रुपये वितरण की जिम्मेवारी संबंधित डीडीओ व प्रधानाध्यापकों की होगी. इस काम में लापरवाही या गड़बड़ी करने पर जेल जाना होगा. उल्लेखनीय है कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को मुख्यमंत्री पोशाक योजना, मुख्यमंत्री साइकिल योजना व किशोरी स्वास्थ्य योजना की राशि दी जानी है.
साइकिल व पोशाक योजना में गड़बड़ी करनेवाले जायेंगे जेल
भभुआ नगर : सरकारी स्कूलों में वर्ष 2016 के लिए मिलनेवाली साइकिल व पोशाक के रुपये विभाग को सरकार ने आवंटित कर दिया है. अब जिला शिक्षा विभाग इन मदों में मिले रुपये को छात्र-छात्राओं के बीच वितरित करने की कवायद में जुट गया है. इस मद में आये रुपयों का वितरण सीधे छात्र-छात्राओं के […]

सीधे अकाउंट में जायेंगे रुपये : इस बार कैंप से नहीं बल्कि बच्चों के बैंक एकाउंट में सीधे रुपये जायेंगे. इसके लिए जिले में लगभग सभी बच्चों के एकाउंट खोल दिये गये हैं. वहीं जिन बच्चों का एकाउंट नहीं है, उनके अभिभावकों के खाते में रुपये डाले जायेंगे. कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को और नौवीं से 12वीं तक की छात्राओं को मुख्यमंत्री पोशाक योजना का लाभ मिलेगा. इन योजनाओं के लाभ के लिए सभी छात्र-छात्राओं की स्कूलों में उपस्थिति सितंबर 2016 तक 75 प्रतिशत होनी चाहिए.
जिले को मिले साइकिल पोशाक
योजना के रुपये
किस मद में कितने मिले रुपये
मुख्यमंत्री साइकिल योजना के तहत वर्ग नौवीं के छात्र-छात्राओं के बीच चार करोड़ 31 लाख 43 हजार रुपये वितरित किये जायेंगे. वहीं, नौवीं से 12वीं तक की छात्राओं के लिए पोशाक मद में एक करोड़ 48 लाख 88 हजार रुपये प्राप्त हुए हैं. वहीं, सामान्य वर्ग में छठी से आठवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं को पोशाक के लिए दो करोड़ पांच लाख 88 हजार 400 रुपये व बीपीएल और एससी-एसटी छात्र-छात्राओं के लिए चार लाख 79 हजार 400 रुपये आवंटित किये गये हैं.
क्या कहते हैं डीपीओ
साइकिल व पोशाक योजना के रुपये सीधे छात्र-छात्राओं के बैंक एकाउंट में भेजे जायेंगे. इसके लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति की जांच भी होगी. राशि के वितरण में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की सूचना मिलने पर दोषियों को सीधे जेल भेजा जायेगा. हीरेंद्र पांडेय, डीपीओ