19 हाइस्कूलों की नयी बिल्डिंग बनने की जगी आस

काम न कराने जाने के बाद लौट गये थे चार करोड़ 94 लाख रुपये भभुआ नगर : जिले के 19 हाइस्कूलों में नयी बिल्डिंग बनने की आस जगी है. इसके लिए सात फरवरी को माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा राज्यस्तर पर सभी जिलों की बैठक बुलायी गयी है. इसमें कैमूर जिले से भी रिपोर्ट मांगी गयी […]

काम न कराने जाने के बाद लौट गये थे चार करोड़ 94 लाख रुपये

भभुआ नगर : जिले के 19 हाइस्कूलों में नयी बिल्डिंग बनने की आस जगी है. इसके लिए सात फरवरी को माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा राज्यस्तर पर सभी जिलों की बैठक बुलायी गयी है. इसमें कैमूर जिले से भी रिपोर्ट मांगी गयी है. उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2005-06 से 2009-10 तक जिले के 41 हाइस्कूलों में प्लस टू स्तर की पढ़ाई के लिए कमरे उपलब्ध कराने को लेकर नयी बिल्डिंग बनाने को सरकार ने प्रति स्कूल 26 लाख रुपये के हिसाब से 10 करोड़ 66 लाख रुपये जारी किया था.
21 स्कूलों में भवन, तो बन गये, लेकिन 19 स्कूलों में अपरिहार्य कारणों से भवन नहीं बनाये जा सके. इसके बाद इन स्कूलों के भवन निर्माण के लिए आये चार करोड़ 94 लाख रुपये लौटा दिये गये. यह राशि स्कूल के विद्यालय प्रबंध समिति को दी गयी थी. उपरोक्त मामले में अब निदेशक द्वारा इससे संबंधित रिपोर्ट व वर्तमान में इन भवन के निर्माण में खर्च होनेवाली राशि का आकलन कर रिपोर्ट मांगी गयी है. संभावना जतायी जा रही है कि अधूरे पड़े 19 स्कूलों के भवनों का कायाकल्प बहुत जल्द हो सकता है.
इन स्कूलों में नहीं बन पाये भवन
रामगढ़ हाइस्कूल
भगवानपुर हाइस्कूल
अधौरा हाइस्कूल
बहुआरा हाइस्कूल
चांद हाइस्कूल
कल्याणपुर हाइस्कूल
चैनपुर हाइस्कूल
बढुपर हाइस्कूल
भवन नहीं होने से होती है परेशानी
जिन 19 हाइस्कूल के भवनों के लिए पूर्व में राशि आवंटित की गयी थी, उन स्कूलों में प्लस टू स्तर की पढ़ाई हाेती है. स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या के हिसाब से कमरे नहीं हैं. इसका असर शैक्षणिक व्यवस्था पर भी पड़ रहा है. मूलभूत संसाधनों के अभाव में कई बच्चे स्कूलों में एडमिशन कराने के बावजूद सिर्फ फार्म भरने आते हैं.

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