एक दशक में भी नहीं बन पाया विद्युत पावर हाउस

खजूरा गांव के पास पावरहाउस बनने का सपना अधूरा अधिकारी व जनप्रतिनिधि नहीं दे रहे ध्यान रामपुर : प्रखंड खजूरा गांव के पास करोड़ों की लागत से 10 वर्ष पहले विद्युत पावर हाउस बनाने की योजना थी, लेकिन यह सपना अब तक अधूरा रह गया. उक्त योजना को पूर्ण करने में संबंधित विभाग के किसी […]

खजूरा गांव के पास पावरहाउस बनने का सपना अधूरा
अधिकारी व जनप्रतिनिधि नहीं दे रहे ध्यान
रामपुर : प्रखंड खजूरा गांव के पास करोड़ों की लागत से 10 वर्ष पहले विद्युत पावर हाउस बनाने की योजना थी, लेकिन यह सपना अब तक अधूरा रह गया. उक्त योजना को पूर्ण करने में संबंधित विभाग के किसी भी अधिकारी व जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं जाता है. सूत्रों ने बताया कि 10 वर्ष पहले उक्त गांव के पास पूर्व विधायक विजय शंकर पांडेय की अनुशंसा पर विद्युत पावर हाउस बनाने का काम शुरू किया था.
इस दौरान बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा बिजली का पोल व चहारदीवारी बनाने का काम शुरू किया गया. कुछ दिनों तक काम ठीकठाक रफ्तार से चली. इसके बाद काम बंद हुआ, तो फिर चालू नहीं हुआ. काम ठप हो जाने से असामाजिक तत्व चहारदीवारी की एक-एक ईंट उखाड़ ले भागे. और तो और लोहे का पोल भी काट लिया. अब पांच-दस पोल बचे हुए हैं, जो यह बताते हैं कि कभी पावर हाउस बनाने का काम शुरू हुआ था. यही नहीं, ग्रामीणों द्वारा उक्त स्थल का अतिक्रमण भी कर लिया गया है. ग्रामीण वहां अब धान का बोझा व अन्य सामान रखते हैं.
क्या कहते हैं लोग
वीरेंद्र सिंह व गुड्डू सिंह ने बताया कि जब खजूरा गांव में विद्युत पावर हाउस बनने का काम शुरू हुआ, तो लोगो में खुशी का ठिकाना नहीं रहा था. लोगो में आशा जगी कि अब हर घर को बिजली लगातार मिलने लगेगी, लेकिन काम बंद होने के बाद आशा निराशा में बदल गयी. अब तो वे सोचते हैं कि काम शुरू भी होगा या नहीं. उन्होंने कहा कि हमारा सपना पूरा होगा भी या नहीं, पता नहीं.
क्या कहते हैं प्रोजेक्ट सहायक अभियंता
इस संबंध में पूछने पर प्रोजेक्ट सहायक अभियंता अखिलेश्वर कुमार ने बताया कि दो तीन माह में टेंडर कर फिर से उक्त गांव में विद्युत पावर हाउस बनाने का काम शुरू किया जायेगा. इस वर्ष के अंत तक काम पूरा करा लिया जायेगा.

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