तीन दिनों में ही टूटने लगी आठ लाख रुपये की नाली!

भभुआ (ग्रामीण) : नगर पर्षद द्वारा शहर में गलियों व नालियों का निर्माण कराये जाता है, लेकिन इंजीनियर व ठेकेदारों की मिलीभगत से निर्माण कार्य इतना घटिया कराया जाता है कि आगे-आगे निर्माण कार्य होता है और पीछे-पीछे टूटने का सिलसिला शुरू हो जाता है. यही हाल वार्ड नं सात में बन रही गली व […]

भभुआ (ग्रामीण) : नगर पर्षद द्वारा शहर में गलियों व नालियों का निर्माण कराये जाता है, लेकिन इंजीनियर व ठेकेदारों की मिलीभगत से निर्माण कार्य इतना घटिया कराया जाता है कि आगे-आगे निर्माण कार्य होता है और पीछे-पीछे टूटने का सिलसिला शुरू हो जाता है. यही हाल वार्ड नं सात में बन रही गली व नाली का है, जो कि पप्पू दुबे के घर से प्रभु माली के घर तक बनी है.
नाली बनने से आस-पास के रहनेवाले वाले लोग काफी उत्साहित थे. लेकिन, नप की आठ लाख की लागत से बनी नाली के निर्माण के महज तीन दिन में ही जगह-जगह से टूटने लगी. नप द्वारा गली नली का निर्माण कार्य कहने को तो इंजीनियर की देखरेख में होता है, पर कार्य स्थल पर कभी भी इंजीनियर को देखा नही जाता. इससे ठेकेदार अपनी मर्जी से ही निर्माण कराते हैं.
यही कारण है की निर्माण घटिया हो रहे हैं.
नप द्वारा शहर के वार्ड नं सात में आठ लाख की लागत से गली व नाली का निर्माण हुआ था. काम पूरे हुए महज तीन दिन हुए थे कि नाली जगह-जगह से टूटने लगी है.
क्या कहते हैं कार्यपालक पदाधिकारी : नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी दीनानाथ सिंह ने कहा कि नाली निर्माण होते ही मुहल्ले के लोग ईंट भरी ट्रैक्टर ले जाने लगे ठेकेदार द्वारा मना करने पर भी लोग नहीं मान रहे हैं. इसकी शिकायत ठेकेदार ने की है. फिर भी इसकी जांच होगी और जांच के बाद अगर गलत निर्माण हुआ होगा, तो कार्रवाई होगी.

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