मोहनिया(सदर). ‘बरसे गगनवा से आज श्रद्धा सुमन, तोड़ी गइला स्नेहिया के डोरिया बलम’ भले ही पति के खोने का गम इस भारत माता के वीर सपूत की पत्नी वीरांगना प्रमीला की आंखों से आंसू बनकर निकल रहे थे. लेकिन, दिल में भारतीय वीरांगना जैसी अपने पति की शहादत पर गर्व है जो देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी. आंखों से बहते आंसुओं को पोछते हुए वीर शहीद की पत्नी बेबस बोल पड़ी.
‘ इ आतंकियन के मनशा कबों पूरा न होई पति गईले त का हमार बेटा इ दुश्मन से बदला लेही’ विरांगना के मुंख से यह बात सुन लोगों का अपने इस वीर सपूत की शहादत से सीना गर्व से फूल उठा. हमारे देश का इतिहास रहा है
जब देश पर बाहरी शत्रुओं के आक्रमण का समय आया हमारे देश की नारियों ने पति की आरती कर विजय तिलक लगा. हाथ में तलवार देकर रण भूमी में भेजा है. इस विरांगना की वाणी ने इस इतिहास को जीवंत कर दिया. इसी क्रम से एसपी हरप्रीत कौर भी भावुक हो उठी और बरबस ही उनकी आंखे भी भर आयी.
