32 लाख की लागत से होना था निर्माण
मोहनिया सदर : प्रखंड मुख्यालय परिसर में 32 लाख की लागत से बन रहे मनरेगा भवन की रखी गयी नींव आज अपनी उपेक्षा की गवाही दे रहा है. शुरुआती दौर में ही विवादों के साये में घिरे इस भवन को आखिरकार भ्रष्ट लोगों की नजर लग ही गयी. इस मनरेगा भवन का निर्माण वर्ष 2015 में शुरू किया गया था. ठेकेदार द्वारा इसकी नीव बनाने के दौरान ही बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गयी थी. इसको लेकर बीडीओ व मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी आमने-सामने हो गये थे. हालांकि निर्माण के दौरान सरिया, सीमेंट व गिट्टी से लेकर ईंट तक घटिया क्वालिटी का प्रयोग किया जा रहा था. इसको प्रभात खबर ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किया था.
इसके बाद तत्कालीन डीडीसी सुनील कुमार ने निर्माण पर रोक लगा दी थी. इसके कुछ माह बाद पुन: निर्माण कार्य शुरू हुआ और निचले लेेंथ तक काम किया गया. इसके बाद अर्थमूवर से मिट्टी की खुदाई कर ट्राॅली से मिट्टी गिरा कर नीव भरा जाने लगा था, जबकि मनरेगा में मशीन द्वारा कार्य करना प्रतिबंधित है. जिसको प्रभात खबर ने फिर प्रकाशित किया. इसके बाद तत्कालीन डीएम अरविंद कुमार सिंह ने रोक लगा दी थी. इसके बाद से आज तक यह भवन उसी तरह पड़ा हुआ है. हालांकि विभागीय सूत्रों की माने तो उस समय इस भवन का निर्माण जिला परिषद के फंड से होना था, लेकिन वह राशि देने के लिए तैयार नहीं था. अब विभाग के गाइड लाइन का इंतजार हो रहा है कि दिशा निर्देश आने के बाद निर्माण शुरू किया जायेगा.
क्या कहते हैं पीओ
इस संबंध में पूछे जाने पर मनरेगा पीओ संजय कुमार ने बताया कि विभाग से निर्माण के लिए गाइड लाइन मांगा गया है. आने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा.
