पकड़ाये बाइक चोर ने गिरोह के सदस्यों के खोले राज
चैनपुर : चैनपुर थाना क्षेत्र के लोग बाइक चोर गिरोह से पूरी तरह त्रस्त है. सिर्फ लोग ही नहीं बल्कि इस गिरोह ने चैनपुर पुलिस की भी नाकों में दम कर दिया था. चारों तरफ सिर्फ एक ही सवाल घूम रहा था कि पुलिस कर क्या रही है. शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित बीआरसी के सामने से जनार्दनपुर के रहनेवाले व बरडीहा विद्यालय में कार्यरत कमल नयन पांडेय की बाइक चुराना महंगा पड़ गया. शुक्रवार को बाइक चोरी होने के बाद शनिवार को विद्यालय से घर लौटने के दौरान कमल नयन पांडेय खरीगांवा चौक पहुंचे, तो उन्हें अपनी बाइक खड़ी देखी और उस पर एक युवक को बैठा देखा.
वह जब बाइक के पास पहुंचे तो देखा कि नंबर प्लेट गायब था और उसका इंडिकेटर बदला हुआ था, जिससे बाइक की पहचान न हो. जब वह पूरी तरह आश्वस्त हो गये कि बाइक उनकी ही है, तो वह शोर मचाने लगे. इससे बाइक पर बैठ युवक भागने का प्रयास किया. लेकिन, वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया और इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी. सूचना पहुंची पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर थाने लायी. पूछताछ के दौरान उक्त युवक ने अपना नाम मनीष पटेल बताया, जो चांद थाना क्षेत्र के हसरेव गांव का बताया जाता है.
थानाध्यक्ष अभय कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान बाद मनीष ने अपने साथियों के नाम, पते बताये, जिसके बाद मिथिलेश सिंह (मदुरना) व गांव जफरपुरा मिर्जापुर यूपी के अभय पटेल जो कि भभुआ थानाक्षेत्र के छोटकी देवर्जी में अपने ननिहाल में रहता है को गिरफ्तार किया गया. इस गिरोह का एक और साथी मनीष का चचेरा भाई अनूप पटेल छापेमारी की भनक लगते ही घर छोड़ फरार हो गया. थानाध्यक्ष ने बताया कि तीनों से की गयी पूछताछ के बाद क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों से तीन पैशन प्रो और दो एक्सप्लेंड सहित पांच बाइक जब्त की गयी.
दो से पांच हजार में बेचते थे बाइकबाइक चोर गिरोह के पकड़े जाने के बाद एक के बाद एक कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आये. इनलोगों ने बताया कि वे दो से पांच हजार में चोरी की बाइक बेचते थे. थानाध्यक्ष ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि ये बाइक चोरी के बाद अपने दूसरे साथी के माध्यम से बाइक बेचने का काम करते थे. इस गिरोह के साथियों में कार्यों का बंटवारा किया गया था. गिरोह के दूसरे साथी ग्राहक ठीक करते और उनसे कहते कि उनका एक दोस्त है उसे पैसे की बहुत जरूरत है इसलिए काफी कम रुपये में अपना बाइक बेच रहा है. इतने कम रुपये में बिक रहे बाइक को लोग बिना किसी वेरिफिकेशन के खरीद लेते थे. इस दौरान किसी के भी जेहन में नहीं आता कि इतनी सस्ती बाइक क्यों मिल रही है. वे सिर्फ किसी की मजबूरी देख उसका फायदा उठाने के चक्कर में खुद फंस रहे हैं जिसकी जानकारी उन्हें नहीं होती है.
एक दर्जन से अधिक हैं गिरोह के सदस्य इस गिरोह के सदस्यों की संख्या एक दर्जन से भी अधिक है. इन सदस्यों के सहारे ही ये क्षेत्र के कई जगहों पर बाइक चोरी की घटना को अंजाम देते हैं. इन्होंने दो माह के भीतर हाटा बैंक से एक, चैनपुर एसबीआई बैंक के सामने से एक, प्रखंड कार्यालय के सामने से दो, बाल विकास कार्यालय से दो व शिक्षा विभाग कार्यालय से एक सहित धड़ाधड़ सात बाइक उड़ा लिये. ये सरगना सिर्फ चैनपुर ही नहीं बल्कि भभुआ में भी सक्रिय था. इनके द्वारा दिये गये बयान के आधार पर भभुआ पुलिस द्वारा की गयी छापेमारी के दौरान भभुआ के सुअरा नदी के पास से इस गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया और दो बाइक भी जब्त की गयी.
थानाध्यक्ष अभय कुमार ने बताया कि गिरफ्तार सभी बाइक चोरों से पूछताछ की जा रही है. इस गिरोह के एक और मुख्य सरगना अनूप पटेल की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और चोरी के अन्य बाइक को भी जब्त करने के लिए भी छापेमारी की जा रही है.
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