सदर अस्पताल के इमरजेंसी में डॉक्टर के नदारद रहने से डीएस को करना पड़ा मरीजों का इलाज
भभुआ सदर : सिविल सर्जन डॉ नंदेश्वर प्रसाद ने शुक्रवार को सदर अस्पताल का निरीक्षण किया. सीएस के निरीक्षण के दौरान ओपीडी व इमरजेंसी से डॉक्टर सहित कई कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिले, जिनसे डीएस डॉ विनोद कुमार को सभी से स्पष्टीकरण की मांग करने या एक दिन के वेतन पर रोक लगाने का आदेश दिया है. सीएस के सर्वप्रथम निरीक्षण के दौरान ओपीडी में मरीज तो सुबह साढ़े आठ बजे तक पहुंच चुके थे. लेकिन, डॉ चैतन्य प्रसाद गायब थे. ओपीडी में अकेले बैठ आयुष डॉक्टर मरीजों का इलाज करते मिले. इस दौरान अस्पताल में दवाओं के किल्लत के संबंध अस्पताल में भंडारपाल की नियुक्ति नहीं हो जाती,
तब तक फार्माशिष्ट मनोज कुमार को तात्कालिक तौर पर दवा की व्यवस्था करने की जिम्ष्दावारी सौंपने का निर्देश सीएस ने डीएस को दिया. ओपीडी के बाद सीएस इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे, तो वहां डॉक्टर ही गायब थे. हालांकि, डॉ प्रेम राजन की ड्यूटी इमरजेंसी में थी. लेकिन, वह नदारद मिले. मजबूरन उस वक्त आये मरीजों का इलाज डीएस को स्वयं बैठ कर करना पड़ा.
इधर, सूचना पर अस्पताल पहुंचे डॉ कमलेश कुमार को फिर इमरजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गयी. इमरजेंसी में सीएस को शिकायत मिली कि रात के इमरजेंसी ड्यूटी में कोई भी ए ग्रेड नर्स मौजूद नहीं थी. कुलदीप शर्मा की ड्यूटी थी. लेकिन, वह गायब था. इसके अलावे सीएस के निरीक्षण में नर्स आकांक्षा यादव भी गायब मिली. सीएस ने गायब रहनेवालों सभी डॉक्टर व कर्मचारियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. निरीक्षण के उपरांत सीएस ने बताया कि अस्पताल के काउंटर पर दवा पहुंचायी जा रही है. सभी दवा सदर अस्पताल के काउंटर पर भी भेज दिया गया हैं.
