आरोपितों पर कार्रवाई को लेकर रेलवे ट्रैक व एनएच को किया जाम

पुरुषोत्तम एक्सप्रेस को 15 मिनट तक रोका गया भभुआ रोड स्टेशन पर आधा घंटा एनएच दो को लोगों ने किया जाम मोहनिया शहर : खरी गांव निवासी स्वर्गीय संजय सिंह के पुत्र इंजीनियर राहुल कुमार की ट्रेन में हुई मौत के कारण बने टीसी व आरपीएफ जवान पर कार्रवाई नहीं होने के कारण गुरुवार की […]

पुरुषोत्तम एक्सप्रेस को 15 मिनट तक रोका गया भभुआ रोड स्टेशन पर
आधा घंटा एनएच दो को लोगों ने किया जाम
मोहनिया शहर : खरी गांव निवासी स्वर्गीय संजय सिंह के पुत्र इंजीनियर राहुल कुमार की ट्रेन में हुई मौत के कारण बने टीसी व आरपीएफ जवान पर कार्रवाई नहीं होने के कारण गुरुवार की शाम में भभुआ रोड स्टेशन पर रेलवे ट्रैक व एनएच दो को राहुल के फ्रेंड्स द्वारा जाम किया गया, जिसमें रोहतास से कांग्रेस के पूर्व विधायक मुरारी गौतम भी उपस्थित रहे.
ट्रेन रोकने के दौरान पूरी से नयी दिल्ली जानेवाली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस को 15 मिनट तक स्टेशन पर लोगों ने रोका. जबकि, एनएच दो के दोनों लेनों को स्टेशन मोड़ के पास आधे घंटे तक जाम रखा. स्टेशन पर आरपीएफ अधिकारी को समझाने व एनएच 30 पर मोहनिया थाने के एसआइ कमलेश राम द्वारा समझाने के बाद दोनों जगह जाम को लोगों ने हटाया. इस दौरान आरपीएफ से लेकर स्टेशन अधीक्षक को अपनी मांग पत्र भी सौंपा गया.
गौरतलब है कि पूर्व से निर्धारित राहुल हत्याकांड में इंसाफ को लेकर ट्रेन रोकने के लिए सैकड़ों की संख्या में पैदल मार्च करते हुए हाथ में बैनर के साथ लोग रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां पहले से तैनात आरपीएफ के जवान ने ट्रेन नहीं रोकने के लिए काफी समझाये, जिसके बाद राहुल फ्रैंड्स के नेतृत्वकर्ता द्वारा कहा गया कि हमलोग शांतिपूर्वक से ट्रेन को रोकेंगे, कोई अशांति नहीं किया जायेगा. इस दौरान डाउन में एक इंजन आ रहा था. अधिकारी व आरपीएफ द्वारा कहने पर उसे जाने दिया गया. जबकि, अपलाइन पर पुरुषोत्तम एक्सप्रेस का समय था.
इस दौरान पटरी पर ही लोग बैठ गये. पुरुषोत्तम एक्सप्रेस 4:25 पर स्टेशन पर पहुंची, जिसके सामने राहुल को इंसाफ दो व राहुल के हत्यारों को फांसी सहित कई नारे के साथ इंजन पर चढ़ कर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद कुल 10 मिनट हो गया, तो आरपीएफ जवानों ने जाम को हटाने का प्रयास किया. लेकिन, लोगों ने विरोध करते हुए पुनः रेल के पटरी पर बैठ गये. दो बार जाने के लिए पुरुषोत्तम एक्सप्रेस द्वारा हाॅर्न भी दिया गया. लेकिन, फिर भी लोग नहीं हटे, जिसके बाद आरपीएफ अधिकारी व स्टेशन अधीक्षक द्वारा समझाने के बाद ट्रेन को लोगों ने जाने दिया. जबकि, वहां से आने के बाद स्टेशन मोड़ के पास एनएच दो को लोगों ने बैनर रख कर दोनों लेन को जाम कर दिया. दोनों लेन में वाहनों की लंबी जाम लग गयी. सूचना पर पहुंचे मोहनिया थाने के एसआई कमलेश राम द्वारा काफी समझाने के बाद लोगों ने आधे घंटे के बाद जाम को हटाये.
छावनी में तब्दील रहा भभुआ रोड स्टेशन: राहुल हत्या में इंसाफ को लेकर राहुल फ्रेंडस के बैनर तले ट्रेन रोकने की सूचना पर भभुआ रोड स्टेशन पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया था, जिसमें आरपीएफ के कमांडेंट से लेकर सासाराम से आरपीएफ के इंस्पेक्टर व भारी संख्या में पुलिस स्टेशन पर पहले से ही पहुंचे थे. ताकि, किसी घटना से निबटा जा सके. लेकिन, ट्रेन जाम करनेवाले ने शांति का परिचय देते हुए शांतिपूर्वक अपना विरोध प्रदर्शन ट्रेन रोक कर किया, जिससे कोई परेशानी आरपीएफ जवानों को नहीं हुई. फिर भी सुरक्षा को लेकर पुलिस मुस्तैद रही.
राहुल के साथ क्या हुई थी घटना
भोखरी गांव निवासी स्वर्गीय संजय सिंह के छोटा पुत्र राहुल विगत 24 अगस्त को दिल्ली से वाराणसी के लिए चंबल एक्सप्रेस से आ रहा था कि यूपी के महोबा स्टेशन से पहले मउरानीपुर स्टेशन के समीप अवैध वेंडर से आरपीएफ की वसूली का वीडियो राहुल ने बना लिया था, जिसे देख आरपीएफ के सभी जवान और टीसी ने उसे काफी प्रताड़ित किये थे, जिससे राहुल की मौत ट्रेन से गिरने से हो गयी थी.
रेलवे ट्रैक से राहुल का शव जीआरपी ने बरामद किया था. लेकिन, उसी बोगी में यात्रा कर रहे इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता कुलदीप शर्मा ने टीसी और आरपीएफ जवान द्वारा प्रताड़ना के कारण राहुल के मौत की बात कहते हुए महोबा जीआरपी में प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया.
लेकिन, प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी, जिसके बाद इलाहाबाद जीआरपी में प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसके बाद राहुल की मौत के कारण का खुलासा हुआ, जिसके बाद परिजनों ने महोबा जीआरपी में गैर इरादतन हत्या का मामला कुल सात आरपीएफ जवान व एक टीसी पर दर्ज कराया था.
केस के अनुसंधानकर्ता का कर दिया गया तबादला
राहुल के मौत के कारण बने टीसी व आरपीएफ जवान के मामले में दर्ज हुई महोबा जीआरपी में प्राथमिकी के अनुसंधानकर्ता व जीआरपी प्रभारी समीम खां का तबादला कर दिया गया है. मिली जानकारी के अनुसार, राहुल के मौत के कारण बने टीसी व आरपीएफ जवान को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तारी के लिए आरपीएफ के वरीय अधिकारी से मांग की थी.
जाम के दौरान लोगों ने बताया कि मामले की लीपापोती के लिए जीआरपी प्रभारी का तबादला कर दिया गया. जबकि, दोषी होने के बाद भी गिरफ्तारी किसी का नहीं हुई है. इसे लेकर हमलोग रेल व सड़क जाम किये हैं. इसके पहले बक्सर में भी छह नवंबर को किये थे, आगे सासाराम में किया जाना है.

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